इलाहाबाद विश्वविद्यालय अब नौ फरवरी तक बंद रहेगा. छात्र संघ के कुछ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में हिंसा की आशंका के मद्देनजर विश्वविद्यालय सोमवार से तीन दिन के लिए बंद था. लेकिन बंद की यह अवधि बढ़ा कर अब नौ फरवरी कर दी गई है.
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी पी के साहू ने एक बयान में कहा, ‘विश्वविद्यालय नौ फरवरी तक बंद रहेगा. इस अवधि में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं होंगी लेकिन नियमित कक्षाएं नहीं होंगी.’
बंद की अवधि बढ़ाने के बारे में विश्वविद्यालय के प्राधिकारी मौन हैं लेकिन समझा जाता है कि पुलिस विभाग द्वारा परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात न किए जाने की वजह से यह कदम उठाया गया. संस्थान ने परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की थी.
महाकुंभ मेला चल रहा है जिसकी वजह से वहां पुलिस की तैनाती की मांग अधिक है. 10 फरवरी को मौनी अमावस्या और 15 फरवरी को बसंत पंचमी के कारण विशेष स्नान होंगे. ऐसे में अन्य उद्देश्य से बल की तैनाती फिलहाल संभव नहीं है.
बीते शनिवार को छात्र संघ के कुछ नेता कुलपति के कार्यालय में घुस गए. कुलपति के कार्यालय में प्रवेश का विरोध कर रहे कर्मचारियों पर उन्होंने कथित तौर पर हमला किया. अगले दिन इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की गई.
घटना के अगले दिन विश्वविद्यालय ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष दिनेश सिंह यादव तथा उसके दो समर्थकों अजीत यादव और अविनाश दुबे को निष्कासित कर दिया. साथ ही छात्र संघ के उपाध्यक्ष शालू यादव को निलंबित कर दिया गया.
छात्र संघ नेताओं ने अनुसंधान शोधार्थियों के प्रवेश में ‘अनियमितताओं’ का आरोप लगाया है जिसकी जांच के लिए संस्थान ने आदेश दे दिए हैं.