गांधीनगर में पाटीदार चिंतन शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें पाटीदार अनामत आंदोलन के समय के अग्रणी एक मंच पर एकत्र हुए. "काफी समय के बाद आंदोलन से जुड़े सभी युवा और सब जोशीले क्रांतिकारी आज आए थे," इस बात पर जोर दिया गया कि बेटी की शादी की उम्र, माता-पिता की संपत्ति, आंदोलन के दौरान दर्ज केस, गोंडल में ब्याजखोरी और गेमिंग सहित 10 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा हुई.