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मध्य प्रदेशः कभी बुआ से परेशान रहते थे दिग्विजय, अब भतीजे ने खोला है मोर्चा

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ कमलनाथ सरकार के मंत्री उमंग सिंघार ने मोर्चो खोल रखा है. कभी उप मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी बुआ जमुना देवी भी दिग्विजय सिंह पर करारा हमला करने के लिए चर्चित थीं.

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह. (फाइल फोटो- ANI)
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह. (फाइल फोटो- ANI)

  • मध्य प्रदेश के मंत्री ने दिग्विजय सिंह पर लगाए गंभीर आरोप
  • कहा- दिग्विजय सिंह कराते हैं अवैध खनन और शराब तस्करी
  • आरोप लगाने वाले मंत्री की बुआ भी दिग्विजय की रहीं हैं विरोधी

मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह पर परदे के पीछे रहकर कमलनाथ सरकार को चलाने का आरोप लगाकर वन मंत्री उमंग सिंघार ने सनसनी फैला दी है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर उन्होंने ऐसे-ऐसे आरोप लगाए हैं, जो अब तक धुरविरोधी बीजेपी के नेता भी नहीं लगाते थे. सरकार के एक प्रमुख मंत्री की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर अवैध खनन और शराब की तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाने से स्थानीय सियासत गरमा गई है.

राज्य की राजनीति में थोड़ा अतीत में जाने पर पता चलता है कि उमंग सिंघार के परिवार की दिग्विजय सिंह से पुरानी सियासी दुश्मनी रही है. कभी मध्य प्रदेश की उपमुख्यमंत्री रहते हुए उनकी बुआ जमुना देवी तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए चर्चित रही हैं. कमलनाथ से जमुना देवी का टकराव तब मध्य प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों में रहता था. यहां तक कि एक बार जमुना देवी ने कह दिया था- "मैं दिग्विजय सिंह के तंदूर में जल रही हूं". राज्य में आदिवासियों की नेता के तौर पर पहचाने बनाने वालीं जमुना देवी का 2010 में निधन हो गया था.

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अब भतीजे हैं हमलावर

बुआ के निधन के बाद से उमंग सिंघार मध्य प्रदेश में कांग्रेस के प्रमुख आदिवासी चेहरे हैं. संभावनाओं से भरे युवा नेता के तौर पर उनकी गिनती होती है. प्रदेश के धार जिले के गंधवानी विधानसभा सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीतकर कमलनाथ सरकार में मंत्री बने हैं. दिल्ली में राहुल गांधी और राज्य में ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबियों में गिने जाने वाले उमंग सिंघार ने पिछले कुछ दिनों से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला है. उन्होंने दिग्विजय सिंह पर सरकार में बेवजह दखल देने, ट्रांसफर-पोस्टिंग, ब्लैकमेलिंग, अवैध खनन और शराब तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. माना जा रहा है कि उमंघ सिंघार अपनी बुआ के नक्शेकदम पर चलकर दिग्विजय सिंह का विरोध कर रहे हैं.

क्या प्रतिद्वंदी नेता को बढ़ावा देने पर भड़के उमंग

दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने के पीछे धार जिले की स्थानीय राजनीति भी एक वजह बताई जा रही है. कहा जा रहा है कि धार जिले की मनावर सीट से विधायक व जयस संरक्षक डॉ. हीरालाल को दिग्विजय सिंह राजनीति में प्रमोट कर रहे हैं. चूंकि हीरालाल भी पार्टी के आदिवासी चेहरे हैं, इससे उमंग सिंघार को लगता है कि दिग्विजय सिंह उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी को बड़ा चेहरा बनाने की कोशिश में हैं. इससे उमंग सिंघार को अपनी राजनीति प्रभावित होने का अंदेशा सता रहा है. सूत्रों की मानें तो इन सब बातों ने उन्हें दिग्विजय सिंह के खिलाफ खड़ा कर दिया है.

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सिंधिया-दिग्विजय नूराकुश्ती भी वजह

जिस तरह से दिग्विजय सिंह के खिलाफ बोलने वाले उमंग सिंघार के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया खुलकर खड़े हुए हैं, उससे माना जा रहा है कि पूरे घटनाक्रम के पीछे सिंधिया और दिग्वजिय सिंह के बीच चल रहा शीतयुद्ध है. सिंधिया और दिग्विजय सिंह कई मौकों पर एक दूसरे का विरोध कर चुके हैं. उनके बीच चल रहा आपसी विरोध कई मौकों पर बयानबाजी के रूप में सामने भी आ चुका है.

चूंकि कमलनाथ मुख्यमंत्री भी हैं और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी. इस नाते उनका करीबी होने के कारण दिग्विजय सिंह की सरकार और संगठन दोनों में चल रही है. जबकि विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री की दावेदारी जताने पर भी सिंधिया को पद नहीं मिला. विरोध के कारण अब तक प्रदेश अध्यक्ष पद भी नहीं मिल सका है. इससे सिंधिया का खेमा सरकार और संगठन दोनों जगह खुद को कमजोर महसूस कर रहा है. सूत्र बताते हैं कि यह बात सिंधिया खेमे को नागवार गुजर रही. एक यह भी वजह है दिग्विजय सिंह के खिलाफ उमंग सिंघार के मोर्चा खोलने की.

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