लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) हार पर मंथन करने और उत्तर प्रदेश विधानसभा की 12 सीटों पर उपचुनाव की रणनीति तय करने में जुट गई है. इसी को लेकर लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती की अगुआई में उनके आवास पर पार्टी पदाधिकारियों की अहम बैठक चल रही है. लेकिन बैठक में पहुंचने वाले नेताओं से मीटिंग रूम में जाने से पहले उनकी जरूरी चीजें जमा करा ली गई हैं. इनमें मोबाइल, बैग, पेन, कार की चाबी इत्यादि शामिल हैं. यानी नेताओं को मीटिंग हॉल में कुछ भी ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है.
सूत्र बता रहे हैं कि उपचुनाव में मायावती पार्टी पदाधिकारियों के साथ लोकसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा करेंगी. लोकसभा चुनाव में बसपा ने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था. दोनों पार्टियों की यूपी के वोट बैंक पर अच्छी-खासी पकड़ है. लेकिन सारे समीकरण ध्वस्त करते हुए एनडीए ने 80 सीटों में से 64 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं बसपा को 10 और सपा को 5 सीट मिलीं.
लेकिन लोकसभा चुनाव की हार को पीछे छोड़ते हुए मायावती अब उपचुनाव की रणनीति बनाने में जुट गई हैं. ऐसा पहली दफा होगा, जब बसपा उपचुनाव लड़ने जा रही है. तैयारियों पर खासा जोर दिया जा रहा है. इस बार बसपा और सपा दोनों ने अलग-अलग उपचुनाव लड़ने का फैसला किया है. पिछले दिनों 18 जून को मायावती ने फोन कर पार्टी पदाधिकारियों से उपचुनाव को लेकर प्रत्याशियों के बारे में बात की. माना जा रहा है कि मायावती के घर हो रही बैठक में उपचुनाव जीतने की स्ट्रैटजी पर बातचीत होगी. इसके अलावा उपचुनाव की तैयारियों पर भी मायावती पार्टी नेताओं से फीडबैंक लेंगी.Lucknow: Leaders who arrived at BSP Chief Mayawati's meeting had to deposit their belongings including mobiles,bags, pens, car keys etc before entering the meeting hall pic.twitter.com/Xij6ZgExLP
— ANI UP (@ANINewsUP) June 23, 2019
2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 325 सीट जीती थीं. इनमें से 12 सीटों पर उपचुनाव होने हैं. उनमें 9 सीटों के बीजेपी विधायक सांसद बने हैं. इसके अलावा सपा और बसपा के एक-एक विधायक को भी जनता ने सांसद बनाया है. वहीं अशोक सिंह चंदेल को सजा मिलने के बाद हमीरपुर की सीट खाली हुई है.