महेंद्र सिंह धोनी का नाम भले ही सिने तारिकाओं के साथ जुड़ता रहा हो लेकिन रांची के इस राजकुमार ने अभी शादी के बारे में कोई फैसला नहीं लिया है हालांकि उनके घरवालों को प्रेम विवाह से भी कोई ऐतराज नहीं है और उन्होंने यह फैसला माही पर ही छोड़ दिया है.
इरफान पठान की शादी पक्की होने के बाद अब क्रिकेट प्रेमियों को धोनी से इस खुशखबरी का इंतजार है लेकिन मंगलवार को अपना 28वां जन्मदिन मनाने जा रहे भारतीय कप्तान के एजेंडे में फिलहाल शादी नहीं, उनका करियर सर्वोपरि है. उनके भाई नरेंद्र धौनी ने कहा, 'हम माही के लिए लड़की नहीं तलाश रहे. उसे जिससे शादी करनी होगी, हम सभी तैयार हैं। हमने यह फैसला उस पर छोड़ दिया है.
दीपिका पादुकोण से लेकर लक्ष्मी राय तक अभिनेत्रियों का नाम धौनी के साथ जुड़ने के बारे में उन्होंने कहा, 'यह सब मीडिया के दिमाग की उपज है. माही अपने परिजनों का बहुत करीबी है और यदि वह किसी को जीवनसंगिनी बनाने का फैसला लेगा तो सबसे पहले हमें ही बताएगा. हमें उसके प्रेम विवाह करने पर भी कोई ऐतराज नहीं है. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि शादी के लिए माही को कोई 'डेडलाइन' नहीं दी गई है. उन्होंने कहा, 'हमें कोई जल्दी नहीं है. अभी उसकी प्राथमिकता करियर है और अभी उसकी उम्र भी ज्यादा नहीं हुई है.
यह पूछने पर कि धोनी को क्या संदेश देना चाहेंगे, नरेंद्र ने कहा, 'हम सभी चाहते हैं कि वह लंबे समय तक खेले और उसकी कप्तानी में टीम इंडिया 2011 विश्व कप जीते. माही को फिलहाल महान क्रिकेटरों की जमात में शामिल करने से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि अभी उसे लंबा सफर तय करना है. उन्होंने कहा कि महान क्रिकेटर तो सचिन तेंदुलकर हैं. उनके जैसा बनने के लिए माही को अभी लंबा सफर तय करना है.
यह पूछने पर कि टीम इंडिया के व्यस्त कार्यक्रम के चलते माही के साथ अधिक समय नहीं बिता पाने का मलाल क्या परिवार को है, नरेंद्र ने कहा, 'बिल्कुल है. जिस भाई ने दुनिया भर में हमारे परिवार का और देश का नाम इतना रोशन किया, उस पर हमें नाज है. लेकिन दुख इसी बात का है कि वह पहले की तरह हमारे साथ समय नहीं बिता पाता. उन्होंने यह भी कहा कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के बावजूद माही बिल्कुल नहीं बदला है और पहले की तरह सरल है.
नरेंद्र ने कहा, 'माही ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है. उसने रेलवे में नौकरी की, क्रिकेट के मैदान पर खूब पसीना बहाया और तभी उसे कामयाबी मिली. उसकी खासियत यही है कि इतना कामयाब होने के बाद भी वह बदला नहीं है. रांची आने पर वह पहले जैसा माही ही रहता है.