बुंदेलखंड में गरीबी की वजह से लोगों की शादियां नहीं हो पाती. गरीबी के कारण लोग अपनी लड़कियों की शादी नहीं करते. ऐसे में ओड़िशा में लोग अपने से भी गरीब लोगों की बेटियां चंद रुपयों में खरीद के ब्याह लेते हैं.
इन शादियों में कोई ताम-झाम नहीं होता न कोई गाती बजती बरात निकलती है. बस लड़की के परिवार को कुछ हजार रुपया दीजिए और फेरे करवा लीजिए. ऐसा ही एक मामला हमीरपुर में सामने आया है. चंद पैसों में खरीदने के बाद ब्याह कर लाइ गई महिला को हमीरपुर में दुबारा बेचा गया है. उसकी बकायादा बोली लगायी गयी है. यह बोली गांव की बरातशाला में लगाई गई और सबसे ज्यादा बोली लगाने वाला शख्स उसे खरीद कर ले गया.
हमीरपुर में इस लड़की को वहीं के एक युवक ने पचीस हजार रूपये में खरीद लिया है. इसे खरीदने वाला कहता है की उसे यह पसंद आ गई थी इसलिए इससे उसने शादी कर ली है. हमीरपुर जिले के जराखर गांव में इस तरह की तमाम औरतें ओड़िशा से मोल करके लाई गई हैं. यह औरतें यहां की भाषा नहीं जानती हैं. देह के लिए ही इन बाहरी औरतों को समझौता कर यहां लाया जाता है फिर आपसी राजी नाम लिखवा कर शादी की औपचारिकता पूरी की जाती है. इसी के साथ ये आपस में रहना शुरू कर देते हैं.
ओड़िशा से खरीद कर लाई गई रूबी नाम की यह औरत भी दोबारा बिक कर अपने नए पति के साथ रहने को तैयार है. बुंदेलखंड में गरीबी, भुखमरी और सूखे के चलते लोगों ने इस इलाके में अपनी बेटियों की शादी करना बंद कर दिया है, जिससे यहां के गरीब युवा उम्रदराज होते जा रहे हैं. अब उन्होंने अपने परिवार को आगे बढ़ाने ने लिए औरतों को खरीद कर लाना शुरू कर दिया है. यहां के लोग औरतों को खरीदकर अपनी पत्नी बनाकर बच्चे पैदा करते हैं और अपना वंश आगे बढ़ाते हैं. कभी-कभी जब इन औरतों से खरीददार का मन भर जाता है तो वह अपनी खरीदी गई औरत को दोबारा दूसरे आदमी को बेच देते हैं.
बुंदेलखंड में हमीरपुर जिले के आलावा बांदा, चित्रकूट, महोबा, जालौन ,झांसी और ललितपुर जिलों में भी ओड़िशा, छत्तीसगढ़ से खरीद कर लाई गईं हजारों औरतें अपने परिवारों के साथ रह रही हैं और बच्चे पैदा कर अपने पति का परिवार बढ़ा रही हैं.
यही नहीं, यहां औरत के काली, गोरी होने पर उसकी कीमत कम ज्यादा जरूर होती हैं. जैसे अगर औरत काली है तो उसकी कीमत चार से छः हजार और अगर औरत गोरी है तो वो आठ से दस हजार रुपयों में आसानी से मिल जाती है.