निष्क्रियता के कारण लंबे समय से आलोचनाओं के घेरे में रही कांग्रेस ने शनिवार को देश की राजधानी नई दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली कर ताकत का प्रदर्शन किया. कुछ समय से सार्वजनिक मंचों पर न के बराबर नजर आईं कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और लोगों से आंदोलन के लिए घर से निकलने का आह्वान करते हुए यह संकेत भी दे दिए कि अब पार्टी शांत बैठने वाली नहीं.
सोनिया गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी चाणक्य माने जाने वाले अंतरिम अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर बरसीं और कहा कि आज देश में खराब हालात हैं. माहौल ऐसा हो गया है कि जब मन करे कोई धारा लगा दो और जब मन करे तब कोई धारा हटा दो. उन्होंने जम्मू कश्मीर का नाम लिए बगैर कहा कि जब मन करे किसी प्रदेश का नक्शा बदल दो.
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष ने कहा कि आज हालात यह हैं कि बिना बहस कोई विधेयक पारित करा दो, जब चाहो राष्ट्रपति शासन लगा दो और हटा दो. उन्होंने पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह पर निशआना साधते हुए कहा कि यह हर रोज संविधान की धज्जियां उड़ाते हैं. मोदी-शाह को इस बात की कोई परवाह नहीं है. उनका सिर्फ एक ही एजेंडा है कि लोगों को लड़ाओ और असली मुद्दों को छिपाओ.
सोनिया ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि नाइंसाफी सहना सबसे बड़ा अपराध है. मोदी सरकार को अपनी आवाज बुलंद करके बताइए कि हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए, संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष को, कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से संघर्ष का आह्वान करते हुए कहा कि कांग्रेस ने जनता के हित में हमेशा लड़ाई लड़ी है और आज भी पीछे हटने वाली नहीं.