नागरिकता संशोधन बिल को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच खींचतान जारी है. लोकसभा में शिवसेना ने नागरिकता संशोधन बिल पर मोदी सरकार का समर्थन किया और बिल पास हो गया है. अब बुधवार को नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा में पेश होगा. हालांकि राज्यसभा में मोदी सरकार को शिवसेना का समर्थन मिलने के आसार कम हैं.
शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब तक नागरिकता संशोधन बिल पर चीजें साफ नहीं हो जाती हैं, तब तक हम इसका सपोर्ट नहीं करेंगे. इससे पहले शिवसेना के सांसद संजय राउत ने ट्वीट किया, ‘राजनीति में अंतिम कुछ नहीं होता...चलता रहता है.’ संजय राउत के इस ट्वीट के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि शिवसेना नागरिकता संशोधन बिल पर मोदी सरकार का साथ छोड़ सकती है.
राजनीति में अंतिम कुछ नही होता...
चलता रहता है..
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) December 10, 2019
इसके बाद इस मामले पर उद्धव ठाकरे का बयान आ गया. उन्होंने कहा कि जो कोई असहमत होता है, वह देहद्रोही होता है, यह बीजेपी का भ्रम है. हमने नागरिकता संशोधन बिल को लेकर सुझाव दिया है. हम चाहते हैं कि इसे राज्यसभा में गंभीरता से लिया जाए. ये शरणार्थी किस राज्य में रहेंगे? जैसी चीजें साफ होनी चाहिए. वरना हम समर्थन नहीं करेंगे.
संजय राउत के ट्वीट और उद्धव ठाकरे के बयान के बाद एनसीपी प्रवक्ता नेता नवाब मलिक ने ट्वीट किया है. उन्होंने संजय राउत को टैग कर लिखा- ‘धीरे-धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाने है.’ माना जा रहा है कि एनसीपी नेता नवाब मलिक का यह ट्वीट शिवसेना का नागरिकता संशोधन बिल के मसले पर यूटर्न लेने को लेकर आया है. नवाब मलिक ने इस ट्वीट के जरिए साफ संकेत किया कि शिवसेना और एनसीपी के बीच करीबी धीरे-धीरे बढ़ रही है.
धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है ,
हद से गुजर जाने है .@rautsanjay61
— Nawab Malik نواب ملک नवाब मलिक (@nawabmalikncp) December 10, 2019
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद शिवसेना ने एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के साथ मिलकर सूबे में सरकार बनाई है. हालांकि शिवसेना ने नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन करने का ऐलान किया था और लोकसभा में उसने ऐसा किया भी. हालांकि अब शिवसेना शर्त लगाकर यूटर्न लेने का ऐलान कर चुकी है.
वहीं, नागरिकता संशोधन बिल का विपक्षी पार्टियां विरोध कर रही हैं. सड़क पर भी संग्राम है. पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लोग सड़कों पर उतरे हैं. इसके बावजूद सरकार को भरोसा है कि बिल राज्यसभा में पास हो जाएगा. नागरिकता बिल पर बवाल के बीच संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने यह भी ऐलान कर दिया है कि पूरे देश में NRC लागू किया जाएगा.