भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शुक्रवार से शुरू हो रही अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं परिषद की बैठक में अगले आम चुनाव में स्वयं को विकल्प के रूप में पेश करने की रणनीति विकसित करने के लिए रोडमैप तैयार करेगी.
बीजेपी अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बंद कमरे में करेगी. राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक शनिवार और रविवार होगी जिसमें देशभर से परिषद के सदस्य हिस्सा लेंगे. यह सम्मेलन काफी अहम है क्योंकि यह राजनाथ सिंह के पार्टी प्रमुख के रूप में निर्वाचित होने के बाद पहली ऐसी बैठक है.
इन तीन दिनों के दौरान पार्टी नेतृत्व हैदराबाद धमाकों के बाद आंतरिक सुरक्षा स्थिति, वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले, आर्थिक मंदी, भारत पाकिस्तान संबंध समेत कई मुद्दों पर चर्चा करेगा. बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और परिषद इस बार पर भी गौर करेगी कि कैसे आर्थिक एवं सुरक्षा मोचरें पर संप्रग सरकार की विफलता को लोगों के सामने पेश कर संप्रग से टक्कर ले.
सूत्रों ने बताया कि सम्मेलन के बाद केंद्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यमप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की केंद्रीय संसदीय बोर्ड में शामिल करने जैसे अहम फैसले किए जा सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि इन मुद्दों पर बैठक में अनौपचारिक रूप से चर्चा हो सकती है.
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि बैठक की शुरूआत पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के भाषण के साथ होगी. राष्ट्रीय कार्यकारिणी और परिषद के क्रमश: चार और नौ सत्र होंगे. भाजपा ‘सुशासन संकल्प, भाजपा विकल्प’ के साथ आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा करेगी.