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सहमति से यौन संबंध बनाने की उम्र 16 करने का सरकार ने दिया प्रस्ताव

सरकार ने नये अपराध कानून संशोधन विधेयक में सहमति से यौन संबंध कायम करने की उम्र 18 साल से घटाकर 16 साल करने और ‘यौन हमले’ की जगह ‘बलात्कार’ शब्द को दोबारा लाने का प्रस्ताव दिया है.

विरोध प्रदर्शन विरोध प्रदर्शन

सरकार ने नये अपराध कानून संशोधन विधेयक में सहमति से यौन संबंध कायम करने की उम्र 18 साल से घटाकर 16 साल करने और ‘यौन हमले’ की जगह ‘बलात्कार’ शब्द को दोबारा लाने का प्रस्ताव दिया है.

हाल ही में लाए गए अपराध कानून संशोधन अध्यादेश की जगह लेने के लिए सरकार ने विधेयक का मसौदा तैयार किया है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अपराध कानून (संशोधन) विधेयक 2013 पर कैबिनेट की अगली बैठक में चर्चा होने की संभावना है.

सूत्रों ने बताया कि ‘यौन हमले’ की जगह ‘बलात्कार’ शब्द या अवधारणा को वर्मा आयोग की सिफारिशों के तहत व्यापक परिभाषा के साथ दोबारा लाया गया है. अध्यादेश की तरह विधेयक में भी सहमति से यौन संबंध कायम करने की उम्र को 18 से घटाकर 16 कर दिया गया है. इसमें वैवाहिक बलात्कार का कोई जिक्र नहीं है.

प्रस्तावित विधेयक में ज्यादातर उन्हीं उपबंधों को शामिल किया जा रहा है जो दिल्ली में 16 दिसंबर को गैंगरेप की घटना के बाद गठित किए गए न्यायमूर्ति जे एस वर्मा आयोग की सिफारिशों के आधार पर 3 फरवरी को लाए गए अपराध कानून (संशोधन) अध्यादेश 2013 में हैं.

सूत्रों ने बताया कि विवादित आफस्पा कानून के तहत आने वाले अशांत क्षेत्रों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में शामिल सुरक्षा कर्मियों को दिया गया बचाव जारी है. अस्पतालों, नर्सिंग होम, निजी और सरकारी चिकित्सा केंद्रों को महिला पीड़ितों को इलाज मुहैया कराना होगा और ऐसा करने में नाकाम रहने पर उन्हें कानूनन दंड का भागी बनना पड़ेगा.

विधेयक में लड़कियों का पीछा करने, उन पर एसिड हमला करने, अश्लील मुद्रा बनाने और अनुचित स्पर्श करने जैसे महिलाओं के खिलाफ अन्य अपराधों के लिए भी सजा कड़ी करने का प्रस्ताव किया गया है.

कानून को और ज्यादा महिलाओं के अनुकूल करने के लिए मसौदा विधेयक में प्रस्ताव दिया गया है कि केवल महिला पुलिसकर्मी ही यौन अपराध पीड़िता का बयान लेंगी.

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