पिछले 12 साल से फेफड़ों में संक्रमण से जूझ रहे शहंशाह ए गजल मेहदी हसन की हालत काफी बिगड़ गई है और कराची के आगा खान अस्पताल में डॉक्टरों ने भी लगभग जवाब दे दिया है.
84 साल के हसन को सांस लेने में तकलीफ के बाद आगा खान अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने बताया कि वे छाती, पेशाब में संक्रमण और पीठ के घावों (बेड सोर) से भी जूझ रहे हैं.
हसन के बेटे आरिफ ने कराची से बताया,‘अचानक उनकी सांस उखड़ने लगी जिसके बाद हमने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया. वह आईसीयू में है और डॉक्टरों ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया है. 12 साल से उनका इलाज कर रहे डॉक्टर अजीज सोनावाला ने कहा है कि बढती उम्र और बीमारियों ने उनका शरीर खराब कर दिया है.’
आरिफ ने कहा,‘ पिछले ढाई साल से वह ट्यूब के जरिये खा पी रहे हैं और पिछले एक महीने से तो उनकी आवाज भी बंद हो गई. जिस आवाज की दुनिया दीवानी थी, वह पूरी तरह से खामोश हो गई है.’ उन्होंने बताया कि दवाइयां बदलने से उनके शरीर में सोडियम की कमी हो गई है और वह सूखकर कांटा हो गए हैं. उन्होंने कहा कि इलाज के लिये वह भारत आना चाहते थे लेकिन उनकी यह ख्वाहिश अब कभी पूरी नहीं हो पायेगी.
आरिफ ने कहा,‘ छह महीना पहले हमने दिल्ली में अस्पताल का पूरा ब्यौरा लिया था और डॉक्टर से मिलने आने वाले थे लेकिन अब नहीं लगता कि हसन साहब कभी भारत जा पायेंगे. डॉक्टरों ने उन्हें यात्रा करने से सख्ती से मना किया है.’
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ अर्से में भारत से हरिहरन, गुलजार, दलेर मेहदी, हंसराज हंस ने फोन करके उनकी खरियत पूछी. इसके अलावा दुनिया भर से संगीतप्रेमियों के फोन आ रहे हैं. इलाज के लिये आर्थिक अभाव से जूझ रहे हसन के परिवार ने पाकिस्तानी हुकूमत से भी मदद की इल्तजा की है.
आरिफ ने बताया,‘ अभी अस्पताल के हम पर 45 लाख रूपये बकाया है. सरकार ने हालांकि वादा किया है कि वह हसन साहब के इलाज का पूरा खर्च उठायेगी लिहाजा हम उनके भरोसे हैं. हम उम्मीद करते हैं कि जरूरत पड़ने पर मदद के लिये लोग आगे आयेंगे.’
राजस्थान के झुंझनू में जन्में मेहदी हसन ने फरवरी 2010 में भारत आने और लता मंगेशकर, दिलीप कुमार तथा अमिताभ बच्चन से मिलने की इच्छा जताई थी. उन्होंने आखिरी बार 2000 में भारत में आखिरी कन्सर्ट किया था. 2008 में भी उन्हें भारत आना था लेकिन मुंबई पर आतंकी हमले के बाद उनका दौरा रद्द हो गया था.