देश की आर्थिक राजधानी मुंबई अब इस कदर महंगी हो चुकी है कि एक झुग्गी की कीमत 1 करोड़ हो गई है. जी हां, एशिया की दूसरी सबसे बड़ी झोपड़पट्टी यानी धारावी में अब एक झोपड़े की किमत 1 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. यहां अब 1 sq feet की कीमत करीब 25,000 से 30,000 पहुंच चुकी है, जबकि अब भी मुंबई के कुछ बिल्डर्स अपने नए प्रोजेक्ट 25,000 रुपये प्रति sq feet के रेट में बेच रहे हैं.
मुंबई की सबसे बड़ी और एशिया की दूसरी सबसे बड़ी झोपड़पट्टी है धारावी. दिखने में महज यह झोपड़पट्टी लगती है लेकिन इसके भीतर सोने का खजाना छिपा हुआ है. यहां रहने वाले हजारों लोग दिखने में गरीब जरूर हैं लेकिन वे देश की हर वो वस्तु निर्माण करते हैं, जिसे भारत बाद में निर्यात करता है. आज इस झोपड़पट्टी की कीमत आसमान छुने लगी है. जानकारों की माने तो इस वक्त यहां 80 से 100 वर्ग फुट का घर 25 लाख रुपये से ज्यादा का है.
यानी यहां 450 वर्ग फुट का एक आम घर एक करोड़ से ज्यादा की कीमत पर बिक रहा है. औसतन यहां हर एक वर्ग फुट की कीमत करीब 20,000 से 30,000 रुपये के बीच कोट की जा रही है.
427 एकड़ में बसी धारावी में लाखों की संख्या में दिहाड़ी मजदूर और छोटे कारोबारी रहते हैं. धारावी में घरों की कीमत इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि यहां घर कारपेट एरिया के हिसाब से मिलता है जबकि बड़े बिल्डरों के फ्लैट्स superbuilt Up के होते है. यहां दस साल तक zero maintainance होता है जबकि बड़े प्रोजेक्ट्स में maintenace 5 से 10 रुपये प्रति वर्ग फुट होता है. और सबसे महत्तवपूर्ण वजह है कि यहां राज्य सरकार पुर्ननिर्माण करने की सोच रही है.
अब तक चार बार धारावी का सर्वे किया गया है, जिसके तहत अगले कुछ सालों में धारावी में cluster development देखा जाएगा. हालांकि यहां रहनेवाले लोग इतने उत्साहित नहीं हैं. गौरतलब है कि हाल ही में मुंबई के लोडा बिल्डर ने एक नया प्रोजेक्ट लॉन्च किया था, जिसमें फ्लैट की कीमत 25000 प्रति वर्ग फुट रखी गई थी.
मौजुदा मार्केट रेट से भी कम दाम में प्रोजेक्ट लॉन्च करने के बावजूद भी मुंबई के प्रापर्टी मार्केट की हालत आज खस्ती है. लेकिन इस बीच धारावी के झोपड़ों की कीमतों का आसमान छूना मुंबईवासियों के लिए खुशी कम और चिंता का विषय ज्यादा बनेगा.