पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता कैप्टन सतीश शर्मा का बुधवार को गोवा में निधन हो गया. कैप्टन शर्मा लंबे समय तक अमेठी लोकसभा क्षेत्र में गांधी परिवार के प्रतिनिधि थे. सतीश शर्मा रायबरेली और अमेठी से सांसद भी रहे. 1993 से 1996 में वो केंद्र में पेट्रोलियम मंत्री थे.
सतीश शर्मा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी माने जाते थे. उनके निधन पर कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने दुख जताया है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी उनके निधन पर दुख जताया.
R.I.P. Captain, generous of heart, steadfast in friendship and loyal to the end. A life well lived. I will miss you deeply.
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi)
कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने ट्वीट करके लिखा- कैप्टन सतीश शर्मा के निधन के बारे में सुनकर दुखी हूं. अपने से छोटे साथियों के लिए उनका व्यवहार हमेशा प्रोत्साहित करने वाला रहा. उन्हें याद किया जाएगा. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी उनके निधन पर दुख जताया है.
Sad to hear about the passing away of Captain Satish Sharma. Always warm and encouraging towards his younger colleagues. He will be missed.
— Jitin Prasada जितिन प्रसाद (@JitinPrasada)
May he rest in peace.
Deeply saddened at the demise of Capt. Satish Sharma, Former Union Minister.
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala)
Capt. Sharma epitomised dedication and loyalty. Condolences to the family and friends. 🙏
तीन बार राज्यसभा सदस्य रहे कैप्टन शर्मा
सतीश शर्मा रायबरेली और अमेठी से सांसद रह चुके थे और साल 1993 से 1996 तक वो केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री के पद पर रहे. आंध्र प्रदेश के सिकंदराबाद में 11 अक्टूबर, 1947 को जन्मे कैप्टन शर्मा एक पेशेवर पायलट थे. वह तीन बार राज्यसभा सदस्य भी बने और उन्होंने मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया.
वह पहली बार जून 1986 में राज्यसभा सदस्य बने और बाद में राजीव गांधी के निधन के बाद 1991 में अमेठी से लोकसभा सदस्य चुने गए. इसके बाद वह जुलाई 2004 से 2016 तक राज्यसभा सदस्य रहे. कैप्टन शर्मा के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं.
रायबरेली में कांग्रेस की कराई वापसी
रायबरेली से 1957 में पहली बार फिरोज गांधी कांग्रेस की सीट पर जीतकर लोकसभा पहुंचे थे, लेकिन 1967 में इंदिरा गांधी की जीत के बाद ये सीट सुर्खियों में आई. रायबरेली लोकसभा सीट पर 1996 और 1998 में बीजेपी के अशोक सिंह पहली बार कमल खिलाने में सफल हुए थे, लेकिन कांग्रेस के गढ़ में इसके बाद बीजेपी दोबारा वापसी नहीं कर पाई. 1999 में कैप्टन सतीश शर्मा ने कांग्रेस की वापसी करवाते हुए शानदार जीत दर्ज की थी. इसके बाद से सोनिया गांधी लगातार इस सीट से सांसद हैं.