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सिगरेट पीने वालों पर बढ़ेगा टैक्स का बोझ, 1 फरवरी से इतनी हो जाएगी महंगी

भारत सरकार ने 1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू करने का फैसला किया है, जो सिगरेट की लंबाई के अनुसार 2050 से 8500 रुपये प्रति हजार स्टिक तक होगी. यह टैक्स मौजूदा 40 फीसदी GST के अतिरिक्त लगेगा.

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1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू होने की तैयारी (Photo: Pixabay)
1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू होने की तैयारी (Photo: Pixabay)

भारत सरकार ने सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू करने का निर्णय लिया है, जो 1 फरवरी से प्रभावी होगी. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नई एक्साइज ड्यूटी सिगरेट की लंबाई के आधार पर 2050 रुपये से लेकर 8500 रुपये प्रति हजार स्टिक तक निर्धारित की गई है. यह टैक्स मौजूदा 40 प्रतिशत गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के अतिरिक्त लगेगा.

वर्तमान में भारत में सिगरेट पर कुल टैक्स लगभग 53 प्रतिशत है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित 75 प्रतिशत के मानक से काफी कम है. सरकार का मानना है कि नई एक्साइज ड्यूटी इस अंतर को कम करने में मदद करेगी और तंबाकू से होने वाली हानियों को रोकने में सहायक होगी.

इससे पहले दिसंबर 2024 में सरकार ने सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025 को मंजूरी दी थी, जिसके तहत सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अस्थायी लेवी को समाप्त कर स्थायी टैक्स व्यवस्था लागू की गई. नई एक्साइज ड्यूटी इसी संशोधित कानून के तहत लगाई जा रही है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली: सिगरेट के लिए 20 रुपये नहीं देने पर पत्नी की हत्या, फिर खुद ट्रेन के आगे कूदकर की खुदकुशी

इस फैसले के बाद सिगरेट की कीमतों में वृद्धि होगी, जिससे देश भर के करोड़ों स्मोकर्स पर इसका सीधा असर पड़ेगा. इसके अलावा, सिगरेट निर्माता कंपनियों जैसे आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स इंडियाकी बिक्री और मुनाफे पर भी दबाव बढ़ने की संभावना है. सरकार का उद्देश्य अधिक टैक्स लगाकर तंबाकू के सेवन को कम करना और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को घटाना है.

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इस नई नीति से तंबाकू उत्पादों की खपत में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जो आख़िर में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित होगी.

इनपुट: रॉयटर्स

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