पिछली बार शिवसेना (यूबीटी) ने जिन सीटों पर जीत हासिल की थी, वहाँ मुस्लिम-मराठी संयोजन ने काम किया था. राज ठाकरे को साथ लाने से एक अलग संयोजन बना था, क्योंकि हाल ही में उन्होंने मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर को लेकर एक आंदोलन किया था. इस आंदोलन का असर पड़ सकता है.