शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे देर रात को मुंबई के रंग शारदा होटल पहुंचे. इस होटल में शिवसेना के विधायक ठहरे हुए हैं. विधायकों के टूटने का डर झेल रही शिवसेना ने गुरुवार को अपने विधायकों को मुंबई के रंग शारदा होटल में रहने के लिए भेजा दिया है. शिवसेना के विधायक अगले दो दिन तक और इसी होटल में रहेंगे. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर यानी कि शनिवार को समाप्त हो रहा है. इसके बाद राज्यपाल को संवैधानिक पहलुओं पर विचार करना पड़ेगा.
आधी रात होटल में मुलाकात
आदित्य ठाकरे रात लगभग 11 बजे अपने अपने घर से कार ड्राइव कर होटल रंग शारदा पहुंचे. आदित्य ठाकरे के साथ ही शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम और एकनाथ शिंदे भी एक बार फिर से होटल रंग शारदा पहुंच गए. यहां पर तीनों नेताओं ने लगभग 90 मिनट तक अपने विधायकों के साथ बातचीत की. रामदास कदम और एकनाथ शिंदे एक बार पहले ही होटल आए थे और पार्टी विधायकों से मुलाकात कर निकल चुके थे, लेकिन जैसे ही आदित्य यहां आए, दोनों नेता एक बार फिर से होटल पहुंच गए. लगभग डेढ़ घंटे तक तीनों नेताओं ने विधायकों से बातचीत की. लगभग पौने एक बजे रात आदित्य होटल से बाहर निकले.
होटल रंग शारदा मुंबई के वीआईपी इलाके बांद्रा में स्थित है. गुरुवार को शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने कहा था कि कल यानी शुक्रवार का दिन अहम है, जो भी फैसला लिया जाएगा, उद्धव ठाकरे के द्वारा लिया जाएगा.Mumbai: Shiv Sena leader Aditya Thackeray arrived at Hotel Rangsharda, earlier tonight, to meet the Shiv Sena leaders staying there. Shiv Sena MLAs will be staying at the hotel for the next 2 days. pic.twitter.com/AohJwKUCzX
— ANI (@ANI) November 7, 2019
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इसलिए होटल भेजा है विधायकों को
शिवसेना ने अपने विधायकों को भले ही होटल भेज दिया हो, लेकिन पार्टी इसके पीछे खरीद-फरोख्त से इतर दूसरा तर्क देती है. पार्टी नेता संजय राउत ने कहा कि सभी विधायक मुंबई से बाहर के हैं, और उनके रहने के लिए जगह नहीं है, इसलिए उन्हें कहीं तो रखा जाना चाहिए था, इसलिए उन्हें होटल भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि अगर कोई फैसला लेना होगा तो उद्धव ठाकरे को उन सभी से एक साथ बात करनी होगी, इसलिए एक स्थान पर विधायकों से बात करने में आसानी होगी.
विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती
महाराष्ट्र में शिवसेना के सामने अपने विधायकों को एक रखने की चुनौती है. शिवसेना बीजेपी का नाम लिए बिना सौदेबाजी का आरोप लगा चुकी है. शिवसेना ने कहा था कि कुछ लोग थैली की भाषा बोल रहे हैं.
बता दें कि 9 नवंबर महाराष्ट्र की मौजूदा विधानसभा के कार्यकाल का आखिरी दिन है. इस लिहाज से देवेन्द्र फडणवीस को 9 तारीख से पहले सीएम पद की शपथ लेनी होगी. ऐसा न होने पर उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ेगा.