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MP: चयनित शिक्षकों को नहीं मिली जॉइनिंग, भोपाल में किया प्रदर्शन

चयनित शिक्षक भोपाल पहुंचे और चेतक ब्रिज के पास स्थित राज्य शिक्षा केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए. प्रदेश के 30594 चयनित शिक्षक पिछले दो साल से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं.

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नियुक्ति की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों का प्रदर्शन
नियुक्ति की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों का प्रदर्शन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सैकड़ों की संख्या में चयनित शिक्षक पहुंचे भोपाल
  • लंबे समय से कर रहे हैं नियुक्ति मिलने का इंतजार
  • 2018 में आयोजित हुई थी शिक्षक पात्रता परीक्षा 

लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे चयनित शिक्षकों के सब्र का बांध मंगलवार को टूट गया. लगातार लटक रही नियुक्ति के कारण नाराज चयनित शिक्षकों ने राजधानी भोपाल पहुंचकर प्रदर्शन किया. मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में चयनित शिक्षक भोपाल पहुंचे और चेतक ब्रिज के पास स्थित राज्य शिक्षा केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए. प्रदेश के 30594 चयनित शिक्षक पिछले दो साल से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं.

चयनित शिक्षकों का कहना है कि सितंबर 2018 में शिवराज सिंह चौहान के ही नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया था. इससे पहले की परीक्षा के नतीजे आते, विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लग गई. विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बदल गई और कांग्रेस सत्ता में आ गई. सत्ता परिवर्तन के बाद नतीजे लटक गए.

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जिसके बाद शिक्षक परीक्षा के अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए. आखिरकार 2019 में परीक्षा के नतीजे घोषित हुए, लेकिन फिर नियुक्ति पर पेंच फंस गया. इस बीच प्रदेश में सियासी उथल-पुथल शुरू हो गया और फिर कोरोना का संकट आड़े आ गया. चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर फिर अनिश्चितता के बादल छा गए. हालांकि, जुलाई 2020 में नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ी और चयनित शिक्षकों के दस्तावेज का वेरिफिकेशन शुरू हुआ लेकिन महज तीन दिन बाद ही इसे भी रोक दिया गया.

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चयनित शिक्षकों का आरोप है कि उस समय कोरोना की वजह से सार्वजनिक परिवहन पर रोक को वेरिफिकेशन रोकने की वजह बताई गई. अब भोपाल में धरना देकर चयनित शिक्षक सरकार से नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं.

 

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