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MP: सरकारी अस्पताल की लापरवाही, मोबाइल की लाइट में लगाए इंजेक्शन

उज्जैन जिले के नागदा में सरकारी अस्पताल में आयोजित नसबंदी शिविर के दौरान अचानक लाइट चली गई. इसके बाद ऑपरेशन से पहले महिलाओं को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में इंजेक्शन लगाया गया.

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मोबाइल की लाइट में लगाए इंजेक्शन
मोबाइल की लाइट में लगाए इंजेक्शन

  • अस्पताल में डेढ़ घंटे तक गुल रही बिजली
  • जनरेटर और इनवर्टर दोनों ही थे खराब

मध्य प्रदेश के विदिशा में प्राथमिक केंद्र में नसबंदी कराने आई महिलाओं को जमीन पर लेटाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और सरकारी अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है.

मोबाइल की लाइट में लगाए इंजेक्शन, इमरजेंसी लाइट में ऑपरेशन

उज्जैन ज़िले के नागदा में सरकारी अस्पताल में आयोजित नसबंदी शिविर के दौरान अचानक लाइट चली गई. इसके बाद ऑपरेशन से पहले महिलाओं को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में इंजेक्शन लगाया गया. हैरानी करने वाली बात ये है कि ऑपेरशन थिएटर में भी इमरजेंसी लाइट की रोशनी में नसबंदी का ऑपरेशन किया गया. इस दौरान लगभग डेढ़ घंटे तक बिजली गुल रही. अस्पताल में लगा जनरेटर और इनवर्टर दोनों ही खराब थे इसी वजह से इमरजेंसी लाइट में ऑपरेशन किया गया.

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स्वास्थ्य मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

मामले की जानकारी मिलने पर मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने 'आजतक' से खास बातचीत में कहा, वो मानते हैं कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी है लेकिन उनकी सरकार इसे दूर करने का प्रयास कर रही है. स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने नागदा के अस्पताल में मोबाइल लाइट की रोशनी में इंजेक्शन लगाने के मामले को गंभीर माना है. उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई की बात कही है जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो.

नसबंदी कराने आईं महिलाओं को जमीन पर लेटाया

गौरतलब है कि भोपाल से सटे विदिशा जिले में नसबंदी कराने आईं महिलाओं को इलाज के बाद ज़मीन पर लेटाया गया था. जिले के ग्यारसपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी कराने आईं 41 महिलाओं को जमीन पर गद्दा और चादर डालकर लेटाया गया. मामले का वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. जिले के सीएमओ एके अहिरवार ने मामला सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए.

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