
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन चार लेन की सुरंग पर पहाड़ गिरने की घटना के बाद एक बार फिर से राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया है. इस ऑपरेशन मे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) शामिल है. 15वीं बटालियन ITBP के जवान एक स्निफ़र डॉग के साथ बचाव अभियान में शामिल हैं. कल रात अचानक हुए भूस्खलन के मलबे में 10 मजदूर फंस गए थे, जिनमें से 5 के शव बरामद कर लिए गए हैं.
कल गिरा था सुरंग का हिस्सा, आज ढहा पहाड़
गुरुवार को निर्माणाधीन चार लेन की सुरंग का एक हिस्सा गिरने के बाद आज जारी राहत और बचाव के बीच टनल पर पहाड़ एक बड़ा हिस्सा ढह गया था. आज हुई दुर्घटना के समय राहत और बचाव का काम जारी था और मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही थी. वहीं खराब मौसम की वजह से राहत और बचाव का काम भी प्रभावित हो गया है.
| Rescue operation underway at Khooni Nala, Jammu–Srinagar National Highway in the Makerkote area of Ramban, where a part of an under-construction tunnel collapsed late last night; 6 to 7 feared trapped.
— ANI (@ANI)
ऑडिट करने वाली कंपनी के कर्मचारी फंसे
अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्य के दौरान दो लोगों को बचा लिया गया और सात अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं. अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के अंदर फंसे लोग सुरंग के ऑडिट का काम करने वाली कंपनी के हैं. उन्होंने कहा कि बनिहाल से कई एंबुलेंस घटनास्थल के लिए रवाना की गईं हैं.

राहत और बचाव कार्य जारी
गुरुवार को हुई घटना पर रामबन जिला के डिप्टी कमिश्नर ने बताया, "रामबन के मेकरकोट इलाके में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के खूनी नाला पर एक निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह गया. इसमें छह से सात लोग मलबे में दब गए. इनमें से एक व्यक्ति का रेस्क्यू कर लिया गया है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है."