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J&K: गणतंत्र दिवस के मौके पर घाटी में इंटरनेट सेवा अस्थाई रूप से बंद

साल 2005 में आतंकियों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम के बाहर बम ब्लास्ट किया था. 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कश्मीर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थाई रूप से बंद कर दी गई है.(प्रतीकात्म फोटो) कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थाई रूप से बंद कर दी गई है.(प्रतीकात्म फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ऐहतियात के तौर पर लिया गया है फैसला
  • मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक, कॉलिंग की सेवा जारी
  • 15 अगस्त और 26 जनवरी को बंद रहती है इंटरनेट सेवा

कश्मीर में गणतंत्र दिवस के मौके पर मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थाई तौर पर रोक दी गई है. यह फैसला गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा कारणों के चलते लिया गया है. गणतंत्र दिवस के जश्न में खलल ना पड़े इस वजह से यह फैसला लिया गया.अधिकारियों के मुताबिक घाटी में गणतंत्र दिवस के मौके पर अस्थाई रूप से मोबाइल इंटरनेट सेवा रोकने का फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है. केवल मोबाइल इंटरनेट सेवा ही रोकी गई है. फोन कॉल्स की सेवा प्रभावित नहीं की गई है.

बता दें कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मोबाइल इंटरनेट सेवा रोकने का फैसला साल 2005 से सिक्योरिटी ड्रिल का हिस्सा रही है. पहले इंटरनेट का इस्तेमाल कर आतंकी समारोहस्थल के पास आईडी ब्लास्ट की घटना को अंजाम देते थे. इन्हें रोकने के लिए यह प्रक्रिया 2005 से निरंतर जारी है.

साल 2005 में आतंकियों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम के बाहर बम ब्लास्ट किया था. 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कश्मीर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. यहां सभी चौराहों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं और तलाशी लेने के बाद ही लोगों को आगे बढ़ने दिया जा रहा है.

जम्मू कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 में बदलाव के बाद से ही यहां  शांति बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार काफी सख्त है. केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में बदलाव के फैसले के बाद से कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों में रोष हैं. फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे सीनियर नेता सरकार के इस फैसला विरोध कर चुके हैं. 

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