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करवाचौथ की तैयारियों में जुटी महिलाएं, बाज़ारों में रौनक

कहीं हाथों में डिजाइनर मेंहदी सज रही है, तो कहीं हो रही है खूबसूरत चुड़ियों और झूमकों की खरीदारी.

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बाजारों में भीड़
बाजारों में भीड़

करवाचौथ का इंतजार जोड़ियों को पूरे साल रहता है, चाहे वह नई नवेली जोड़ी हो या बरसों पुरानी. पति की लम्बी उम्र के लिए पत्नियां जहां तैयारी में जुटी हैं तो पति महाशय भी उनका पूरा साथ दे रहे हैं.

यही वजह है कि करवाचौथ की रौनक बाजारों में दिखने लगी है. सौभाग्य का व्रत करवाचौथ 8 अक्टूबर को है. ऐसे में सोलह श्रृंगार से लेकर पूजा की सामग्री तक की खरीदारी जोरों पर है.

कहीं हाथों में डिजाइनर मेंहदी सज रही है, तो कहीं हो रही है खूबसूरत चुड़ियों और झूमकों की खरीदारी. जी हां ये सुहागिनों का सबसे बड़ा पर्व है. ये त्योहार है शादीशुदा जोड़ों का. करवाचौथ का चांद साल में एक बार आता है. ऐसे में सबसे खूबसूरत लगने के लिए नई नवेली दुल्हनें सारी जतन करती हैं. गहनों और कपड़ों की खरीदारी से लेकर खूबसूरत मेंहदी तक एक्साइमेंट बरकरार रहती है.

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करवाचौथ के मौके पर शादीशुदा महिलाओं की खरीदारी में भी कोई कमी नहीं रहती, लिहाज़ा चुड़ियों और गहनों की दुकान पर महिलाओं की भीड़ नज़र आ जायेगी. जितना उत्साह नई नवेली जोड़ियों में देखने को मिलता है, उतना ही उत्साह सालों से करवाचौथ रखने वाली महिलाओं में भी. इसलिये महिलाएं साज-ओ-श्रृंगार से लेकर पूजा के लिए खूबसूरत करवों की खरीदारी करती नज़र आएंगी.

पति की लंबी उम्र के लिए दिन भर निर्जला व्रत रखने वाली पत्नियों का साथ उनके पति महोदय भी खूब दे रहे हैं. फिर चाहे हाथ- पैर में मेहंदी लगवाती पत्नी के हैंडबैग और फुटवियर संभालना हो या साज श्रृंगार की खरीदारी में पत्नियों की मदद करना और करें भी क्यों न, आखिर उनकी लंबी उम्र का सवाल जो है. इस साल बाजार में डिजाइनर करवा की भी भरमार है. ऐसे में सोलह श्रृंगार से लेकर करवे की खरीदारी तक महिलाएं सबकुछ करना चाहती है जर हटके.

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