दिल्ली में पिंक मेट्रो ने दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क के शिखर को छूते हुए अपने सफर की शुरुआत कर दी है. दिल्ली के धौलाकुआं इलाके में पिंक मेट्रो जहां एअरपोर्ट मेट्रो की मौजूदा लाइन को क्रॉस करती है, उस जगह पर मेट्रो सबसे ज्यादा ऊंचाई से गुज़रती है.
बुधवार को इस लाइन पर मेट्रो के ट्रायल की शुरुआत करने से पहले एक मेट्रो ट्रेन को गुज़ारा गया और ये पिंक ट्रेन सबसे ज्यादा ऊंचाई पर सफर करने वाली पहली मेट्रो बन गई.
ये लाइन मेट्रो की पिंक लाइन का हिस्सा है, जो मजलिस पार्क-शिव विहार के बीच दौड़ेगी. मेट्रो की पिंक लाइन पर ट्रायल शुरु होने वाला है, फिलहाल ये ट्रायल मायापुरी से साउथ कैंपस के बीच होगा, इसी की तैयारी के लिए एक ट्रेन को इस लाइन के ट्रैक पर उतारा गया है, लेकिन फिलहाल यहां ओवरहेड इलेक्ट्रिसिटी लाइन को एनर्जाइज़ नहीं किया गया है, मतलब ट्रेन चलाने के लिए बिजली नहीं थी, इसलिए डीजल से चलने वाले एक शंटर की मदद से मेट्रो को ट्रैक पर चलाया गया.
दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता के मुताबिक धौलाकुआं पर पिंक लाइन की ऊंचाई 23.6 मीटर है, जो दिल्ली मेट्रो के मौजूदा नेटवर्क में सबसे ज्यादा ऊंचाई है. इसके पहले कड़कड़डूमा के पास मेट्रो की ऊंचाई सबसे ज्यादा थी, जहां 19 मीटर ऊंचे ब्रिज से मेट्रो गुज़रती है. धौलाकुआं पर मेट्रो सात मंजिला किसी इमारत के बराबर ऊंचाई पर दौड़ेगी. इतनी ऊंचाई पर मेट्रो लाइन का निर्माण इंजीनियरिंग के लिहाज़ से भी काफी चुनौती भरा था, क्योंकि यहां मेट्रो लाइन के नीचे एअरपोर्ट मेट्रो की मौजूदा लाइन है, जो ऑपरेशनल भी है और इसी जगह पर धौलाकुआं का व्यस्त फ्लाइओवर इंटरसेक्शन भी है. मेट्रो का निर्माण यहां रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच किया गया, ताकि एअरपोर्ट लाइन का आपरेशन भी प्रभावित न हो और नीचे धौलाकुआं का सड़क का ट्रैफिक भी बेअसर रहे.
फिलहाल मायापुरी और साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन के बीच अगले कुछ दिनों में ट्रायल किया जाएगा. इस हिस्से की लंबाई 6.8 किलोमीटर है. इसके पहले शकूरपुर से मायापुरी तक ट्रायल पहले ही शुरू हो चुका है. इस दौरान मेट्रो के रोलिंग स्टाक यानी ट्रेन कोच और ट्रैक का टेस्ट किया जा रहा है, साथ ही ओवरहेड इलेक्ट्रिसिटी लाइन भी टेस्ट की जाएगी. मजलिस पार्क से शिव विहार तक इस पूरी लाइन की लंबाई 59 किलोमीटर है और ये लाइन रिंग रोड को कवर करेगी, इसका अलग अलग हिस्सों में ट्रायल किया जाएगा.