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ED की छापेमारी के बाद संजय सिंह ने घर के बाहर लगाया ये बैनर, एजेंसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

आम आदमी पार्टी के नेता सांसद संजय सिंह से पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी आम आदमी पार्टी के नेताओं के पीछे पड़े हैं. ‘‘आप’’ नेताओं को बदनाम करने के लिए झूठे केस में फंसाने और जेल भेजने का भय दिखाने की साजिश में पूरी भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी फंसे हुए हैं. 

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ED की छापेमारी के बाद संजय सिंह ने घर के बाहर लगाया ये बैनर
ED की छापेमारी के बाद संजय सिंह ने घर के बाहर लगाया ये बैनर

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अपने घर के बाहर एक बैनर लगवाया है जिसके जरिए वह ईडी और प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं. संजय सिंह के नई दिल्ली स्थित नॉर्थ एवेन्यू में घर के बाहर यह बैनर लगाया गया है.  बैनर में तंज कसते हुए लिखा है : 'कृपया संजय सिंह से पांच गज की दूरी बनाकर रखें वरना ED का छापा पड़ सकता है. आज्ञा से - नरेंद्र मोदी' इसके अलावा एक अन्य बैनर में लिखा हुआ है 
'फक्कड़ हाउस में ED का स्वागत है.'

सांसद ने अपने घर के बाहर लगे बैनर के साथ फोटो खींचकर भी सोशल मीडिया पर जारी किया है. इससे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने अपने सहयोगियों के यहां से ईडी की छापेमारी में कुछ नहीं मिलने के बाद प्रधानमंत्री पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हताशा में हैं कि मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं है. इसलिए उनके निर्देश पर फर्जी तरीके से मुझे बदनाम करने के लिए ईडी ने मेरे तीन सहयोगियों के घर छापेमारी की. जब ईडी को कुछ नहीं मिला तो उसने उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए. मैं इस मामले की कोर्ट से शिकायत करूंगा. 

'ईडी ने मुझे बदनाम करने की कोशिश की'
पहले भी ईडी ने मुझे बदनाम करने के लिए अपनी तीन चार्जशीट में मेरा नाम लिख दिया था और मानहानि का नोटिस देने के बाद वो लिखित में अपनी गलती मान चुकी है. उन्होंने कहा कि मेरे तीनों सहयोगी एक समान्य व्यक्ति हैं और इनसे लड़कर प्रधानमंत्री पूरी दुनिया में अपना मजाक बनवा रहे हैं. अगर लड़ना है तो मुझसे लड़ें. मैं मरने की हद तक लड़ने को तैयार हूं.

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आम आदमी पार्टी के नेता सांसद संजय सिंह से पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी आम आदमी पार्टी के नेताओं के पीछे पड़े हैं. ‘‘आप’’ नेताओं को बदनाम करने के लिए झूठे केस में फंसाने और जेल भेजने का भय दिखाने की साजिश में पूरी भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी फंसे हुए हैं. 

मुझे बदनाम करने के लिए मेरे सहयोगियों के घर छापेमारी की गई. तब से एक नारा चल पड़ा है कि संजय सिंह से पांच गंज की दूरी बनाकर रखें वरना ईडी कभी भी छापा मार सकती है. भाजपा और प्रधानमंत्री चाहे जितनी जांच करवा लें, उनको मेरे खिलाफ एक रुपए का भ्रष्टाचार नहीं मिलेगा. अगले जन्म में भी इनको मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं मिलेगा. 

सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह मुझे पता है कि मैं मोदी जी के मित्र अडानी के घोटालों की जांच जेपीसी और ईडी से कराने, किसानों के मुद्दे उठा रहा हूं और केंद्रीय गृहमंत्री का विरोध कर रहा हूं तो प्रधानमंत्री मेरी जान लेने पर उतारू हो जाएंगे. यह बात भाजपा और प्रधानमंत्री को भी समझ लेनी चाहिए कि मैं जानता हूं कि मुझे बदनाम करने के लिए हर हथकंडा अपनाया जाएगा. लेकिन मेरे खिलाफ कुछ नहीं पाएंगे. प्रधानमंत्री के निर्देश पर ईडी ने बेवजह मुझे बदनाम करने के लिए मेरे तीन साथियों के घर पर छापामारी की. 

तीन चार्जशीट में मेरा नाम डाला गया
इससे पहले, ईडी ने तीन चार्जशीट में मेरा नाम डाला था. जब मैंने इसके खिलाफ मानहानि का नोटिस दिया तब ईडी ने लिखित में कहा कि उससे गलती हुई है. जबकि चार्जशीट को कई बार पढ़ा जाता है. ईडी का कहना है कि लिखना था राहुल सिंह और लिख दिया संजय सिंह. अगर ऐसे ही नीरव मोदी की जगह नरेंद्र मोदी लिख दिया तो बड़ी समस्या हो जाएगी. इस तरह जांच मत करिए. भाजपा और पीएम मोदी को खुश करने के चक्कर में ईडी अपना मज़ाक बनवा रही है. ये देश के लोगो को बेवकूफ समझ रहे हैं. 

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उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ईडी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी गलती मानी. इससे ईडी अपमानित हुई. इस अपमान का बदला लेने के लिए ईडी ने मेरे सहयोगी विवेक त्यागी, अजीत त्यागी और सर्वेश मिश्रा के घर छापेमारी की. जब छापेमरी में कुछ नहीं मिलने पर ईडी ने उनके फोन जब्त कर लिए. उस फोन में उनके साथ मेरी बातचीत की चैट है. ईडी के अधिकारी हमारी चैट को मोदी को ज़रूर पढ़ाएं ताकि उनको पता चले कि कोरोना के समय उनके जरिए कितने लोगों की मदद की गई है. ईडी तीनों मोबाइल को पूरा खंगाल ले. अब मैंने अपने घर के बाहर बोर्ड लगा दिया है कि संजय सिंह से पांच गंज की दूरी बनाएं रखें, वरना ईडी कभी भी छापा मार सकती है. आज्ञा से नरेंद्र मोदी. 

यूपी में मेरे खिलाफ 23 मुक़दमे हुए
सांसद संजय सिंह ने कहा कि ईडी को मेरा इतिहास पता कर लेना चाहिए. वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हूं और अब तक बेदाग हूं. यूपी में मेरे खिलाफ 23 मुक़दमे हुए, अडानी के लाखों करोड़ की घोटाले की जेपीसी से जांच कराने की मांग की. प्रधानमंत्री से किसानों, अडानी मामले में जेपीसी की जांच के मुद्दे पर लड़ता रहता हूं, लेकिन कभी नहीं झुका. केंद्रीय गृहमंत्री की तानाशाही के विरोध में भी आवाज उठाया. जिसे ईडी की जांच, जेल और मुदकमें से डर लगता है, भाजपा उसको डराए.  

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अडानी का कच्चा चिट्ठा देने के लिए मैंने 11 बार ईडी से मिलने का समय मांगा है, पर समय नहीं मिला. ईडी मेरे घर आती, उसे सारे कागज मिल जाते कि कहां-कहां कोयला की खदानहां-कहां आपने अपने दोस्त के साथ मिलकर भ्रष्टाचार किया है. पीएम मोदी मुझे डराने का प्रयास बिल्कुल न करें, क्योंकि मैं मरने के हद तक आपसे लड़ने को तैयार हूं. मैं पूरी ईमानदारी से अपनी जिंदगी बिताता हूं और किसी से डरता नहीं हूं. 

संजय सिंह ने कहा कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली प्रधानमंत्री को इस तरह की कायरता पूर्ण हरकत शोभा नहीं देती है. PM मोदी खुद को दुनिया का सबसे शक्तिशाली प्रधानमंत्री बताते हैं और सर्वेश मिश्रा, विवेक त्यागी, अजीत त्यागी जैसे मामूली लोगों से लड़ रहे हैं, हमारी जांच कराएं. ईडी मेरे साथियों की जगह मुझे बुलाएं और जांच करें. मैंने अडानी मामले की अपनी पार्टी के प्रवक्ता रीना गुप्ता के माध्यम से ईडी के पास शिकायतें भिजवाई है. लेकिन अभी तक पूछताछ के लिए नहीं बुलाया. 

मैं प्रधानमंत्री और ईडी को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि पूरे देश के सामने उजागर करूंगा कि आबकारी नीति की जांच कैसे हो रही है और कैसे ‘‘आप’’ के नेताओं को फंसाने की साजिश की जा रही है. पीएम मोदी के निर्देश पर ईडी ने मुझे फर्जी तरीके बदनाम करने के लिए मेरे तीनों सहयोगितों पर कार्रवाई की है. इस पूरे मामले की शिकायत कोर्ट में करूंगा. ईडी को कुछ भी नहीं मिला तो उनके फोन जब्त कर लिए. 

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पहले भी ईडी लिखित में अपनी गलती मानी है कि तीन चार्जशीट में संजय सिंह का नाम गलती से आ गया है. मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिलने से ईडी हताशा में है. इसलिए मुझे किसी भी तरह से फंसाने के लिए मेरे साहयोगियों पर कार्रवाई की जा रही है. ईडी मेरे घर पर छापेमारी कर सकती है लेकिन उसे कुछ नहीं मिलेगा. प्रधानमंत्री को अगर लड़ना है, तो मुझसे लड़ें, मेरे सहयोगियों से लड़ने का क्या फायदा है?

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