छठ के महापर्व की शुरुआत आज से हो गई है. दीपावली के 6 दिन बाद कार्तिक मास की छठी तिथि को छठ का पर्व मनाया जाता है. 4 दिन मनाए जाने वाले इस पर्व के पहले दिन नहाय-खाय की परंपरा होती है. राजधानी दिल्ली में भी छठ का त्योहार मनाया जा रहा है, लेकिन यहां के छठ घाटों से जो तस्वीरें सामने आ रहीं हैं वो चौंकाने वालीं हैं.
यहां की यमुना नदी में जहरीला झाग या गाद इकट्ठा हो गया है और इसी बीच श्रद्धालुओं ने स्नान किया. हालांकि, कोरोना के चलते दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) ने यमुना नदी के किनारे छठ पूजा की अनुमति नहीं दी है.
| People take dip in Yamuna river near Kalindi Kunj in Delhi on the first day of in the midst of toxic foam
— ANI (@ANI)
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कालिंदी कुंज इलाके में यमुना नदी में जहरीली झाग तैर रहा है. इसी झाग के बीच में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं.
| Toxic foam floats on Yamuna river near Kalindi Kunj in Delhi
— ANI (@ANI)
पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने और दिवाली के बाद हुई आतिशबाजी के कारण राजधानी दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है. यमुना नदी में अमोनिया का लेवल बढ़ गया है, इस वजह से यहां झाग बन गया है. अमोनिया लेवल बढ़ने से पानी की सप्लाई भी बाधित हो रही है.
सियासत भी तेज...
यमुना में झाग के बीच स्नान करने की तस्वीरें सामने आने के बाद सियासत भी तेज हो गई है. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घेरा है. वहीं, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी केजरीवाल सरकार को घेरते हुए कहा कि इसी वजह से यमुना किनारे छठ पूजा मनाने पर रोक लगाई थी.
Devotees performing Chhat Puja in Delhi are forced to take a dip in toxic Yamuna. Large number of people celebrate Chhat in Delhi and this shows his commitment towards providing facilities to those who observe the rituals. This is what Arvind Kejriwal has reduced Delhi to. Shame.
— Amit Malviya (@amitmalviya)
क्या हाल कर दिया आप ने दिल्ली का,
— Manoj Tiwari 🇮🇳 (@ManojTiwariMP)
ये आज की यमुना नदी की तस्वीरें काफ़ी चिंताजनक हैं और ये तस्वीरें बयान करती हैं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने पूर्वांचलीयों की आस्था के पर्व छठ पूजा को यमुना नदी के तट पर मनाने से रोक क्यों लगाई,पोल जो खुल जाती…पहुँच रहा हूँ इस घाट पर सच्चाई दिखाने
छठ में आज नहाय-खाय की परंपरा
छठ पर्व चार दिन मनाया जाता है. पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे और चौथे दिन क्रमश: अस्त होते और उदय होते सूर्य को नदी या तालाब में खड़े होकर अर्घ्य देते हैं.