बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने मैट्रिक के हिंदी के प्रश्नपत्र-एक की परीक्षा रद्द कर दी है. यह परीक्षा सोमवार को होने वाली थी. बीते शनिवार को पूर्णिया जिले के एक परीक्षा केंद्र पर हिंदी का प्रश्नपत्र गलती से बांट दिए जाने के कारण यह फैसला किया गया.
शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रजनीश कुमार महाजन ने कहा, ‘जिन्होंने हिंदी को दूसरी भारतीय भाषा के तौर पर चुना था, उनके लिए हिंदी का पहला प्रश्न पत्र रद्द कर दिया गया है. हिंदी के दूसरे प्रश्नपत्र की परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी. संस्कृत, अरबी, फारसी और भोजपुरी जैसे विषयों के पहले प्रश्न-पत्र की परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी.’ महाजन ने कहा कि हिंदी के प्रश्नपत्र-एक के सवालों के पैकेट खोलकर पूर्णिया के सूर्य नारायण सिंह यादव इंटर कॉलेज के निरीक्षकों ने उर्दू के परीक्षार्थियों में बांट दिया. कुछ परीक्षार्थियों ने तो प्रश्न-पत्र में पूछे गए सवालों के जवाब भी लिख दिए.
उन्होंने कहा, ‘हम इस मामले में कार्रवाई करेंगे. हम ऐसी गैर-जिम्मेदार हरकत के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाकर उन पर कार्रवाई करेंगे.’ प्रधान सचिव ने कहा कि निष्पक्ष तरीके से परीक्षाएं संचालित कराने की कोशिशें जारी हैं और सोमवार को होने वाली परीक्षा के दौरान और ज्यादा सख्ती बरती जाएगी. महाजन ने कहा, ‘हम पहले ही 620 परीक्षार्थियों को निष्कासित कर चुके हैं. परीक्षा केंद्रों पर गलत तौर-तरीके अपनाने के मामले में जांच जारी है और कुछ अन्य केंद्र भी रद्द किए जा सकते हैं.’
इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने सोमवार को कहा कि लाखों परीक्षार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए मैट्रिक की परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से कराई जाएं. अनवर ने संवाददाताओं से कहा, ‘राज्य सरकार निष्पक्ष तरीके से मैट्रिक परीक्षाएं कराने और लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य सुरक्षित करने की जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती.’
इनपुट: भाषा