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फैक्ट चेक: राजस्थान में पटाखे बैन होने के बाद क्या राजपूतों ने फायरिंग करके मनाई दिवाली?

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. ये वीडियो 'जमराबिज' नाम के एक ऐतिहासिक पर्व का है, जिसे राजस्थान के मेनार गांव में होली के बाद मनाया जाता है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है वीडियो

प्रदूषण और कोरोना के चलते राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने इस साल पटाखों पर पाबंदी लगाई. इस फैसले को हिंदू त्योहार पर पाबंदी बताकर कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं. इसी के मद्देनज़र सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है. वीडियो को राजस्थान का बताया जा रहा है जिसमें भीड़ में कुछ लोगों को हवा में जोरदार फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है. वीडियो के साथ दावा किया गया है कि गहलोत सरकार के पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के बाद राजस्थान के राजपूतों ने इस तरह से दिवाली मनाई. वीडियो देखने में किसी जश्न या पर्व का लग रहा है.

 

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. ये वीडियो 'जमराबिज' नाम के एक ऐतिहासिक पर्व का है, जिसे राजस्थान के मेनार गांव में होली के बाद मनाया जाता है. वीडियो कई महीनों से इंटरनेट पर मौजूद है.

इस वीडियो को शेयर करते हुए लोग कैप्शन में लिख रहे हैं, "राजस्थानमें अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार ने दिवाली पर पटाखे बेन किये। फिर क्या, वहाँ के राजपूतों ने अपने अंदाज़ में दिवाली मनाई। जय राजपुताना।" फेसबुक () और ट्विटर पर ये वीडियो गलत जानकारी के साथ जमकर वायरल हो रहा है. पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

कैसे पता चली सच्चाई?

वीडियो को इन-विड टूल की मदद से खोजने पर हमें यूट्यूब पर इसी से मिलता-जुलता एक और वीडियो मिला. इस वीडियो में भी लोग चकाचौंध के बीच हवा में फायरिंग करते हुए दिख रहे हैं. यूट्यूब वीडियो के टाइटल में "मेनार जमराबिज 2019" लिखा हुआ है. इन कीवर्ड्स की मदद से हमें यूट्यूब पर वायरल वीडियो भी मिला जिसे इसी साल मार्च में अपलोड किया गया था. यहां दी गई जानकारी के मुताबिक, वीडियो मेनार में इसी साल मनाए गए जमराबिज शौर्य पर्व का है. मेनार उदयपुर के पास स्थित एक गांव है.

खोजने पर हमें "Umesh Menaria II" नाम का एक फेसबुक पेज भी मिला जहां वायरल वीडियो को इसी साल 12 मार्च को शेयर किया गया था. वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा था, "मेनार जमराबिज शौर्य पर्व की झलक 2020". जानकारी पुख्ता करने के लिए हमने इस पेज को चलाने वाले व्यक्ति उमेश मेनारिया से संपर्क किया. उमेश ने स्पष्ट कर दिया कि वायरल पोस्ट भ्रामक है और ये वीडियो मेनार के जमराबिज पर्व का है. उमेश 'राजस्थान पत्रिका' में पत्रकार हैं और उनके मुताबिक वायरल वीडियो उन्हीं ने बनाया था. उमेश ने हमें बताया कि हर साल मेनार में होली के बाद जमराबिज शौर्य पर्व धूमधाम से मनाया जाता हैं. फायरिंग होने की वजह से इस पर्व को बारूद की होली भी कहा जाता है.

 

ये ऐतिहासिक परंपरा () मेनार में 400 साल से चल रही है. इस पर्व को मुगलों से युद्ध में मिली विजय की खुशी में मनाया जाता है. जश्न के दौरान फायरिंग और तलवारबाजी होती है जिससे युद्ध का दृश्य देखने को मिले. इस शौर्य पर्व को लेकर इंटरनेट पर कुछ आर्टिकल भी मौजूद हैं.

यहां इस बात की पुष्टि हो जाती है कि वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है. ये वीडियो कई महीने पुराना है और इसका दिवाली से कोई लेना-देना नहीं है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

वीडियो में देखा जा सकता है कि राजस्थान में पटाखों पर पाबंदी लगने के बाद राजपूतों ने वहां दिवाली कैसे मनाई.

निष्कर्ष

वीडियो 'जमराबिज' नाम के एक ऐतिहासिक पर्व का है, जिसे राजस्थान के मेनार गांव में होली के बाद मनाया जाता है. वीडियो कई महीनों से इंटरनेट पर मौजूद है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

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