ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान पर संगीतकार इस्माइल दरबार ने संगीन आरोप लगाए हैं. इनमें धुनों की चोरी का आरोप भी शामिल है. उन्होंने कहा कि फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए ऑस्कर जीतने के लिए रहमान ने ऑस्कर से जुड़े एकेडमी के अधिकारियों को रिश्वत दी थी. रहमान के खिलाफ यह सनसनीखेज आरोप इस्माइल ने मुंबई के अंग्रेजी अखबार से खास बातचीत में लगाए.
उन्होंने कहा, रहमान बहुत अच्छे व्यवसायी हैं. मैं एक बार फिर कहूंगा रहमान ने ऑस्कर खरीदा है. यही नहीं, फिल्म में जिन गानों को संगीतबद्ध करने का रहमान दावा कर रहे हैं वह उनके है ही नहीं. मेरे पास इस बात का सुबूत है कि जय हो.. गाना उनका संगीतबद्ध किया नहीं है.
सुभाष घई और मणिरत्नम जैसे फिल्मकार यह हकीकत जानते हैं, लेकिन किसी में भी सच बोलने की ताकत नहीं है. इसकी वजह यह है कि रहमान बड़ी हस्ती हैं.
दरबार ने रहमान को चुनौती दी कि अगर उनमें सच का सामना करने की हिम्मत है, तो सामने आएं और मुझे झूठा साबित करें. मेरे पास इस बात के सुबूत हैं कि उन्होंने किसी और का श्रेय खुद ले लिया. अगर जरूरत पड़ी तो मैं इन सबूतों को सबके सामने पेश करुंगा.
दरबार ने फिल्म साथिया (2002) के संगीत को राष्ट्रीय अवार्ड दिए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार की संगीत श्रेणी में मेरी देवदास भी दौड़ में थी. वह साथिया पिछड़ गई. दरबार का तर्क है कि डब फिल्म को राष्ट्रीय अवार्ड नहीं दिया जाता, ऐसे में साथिया को पुरस्कार कैसे दे दिया गया? इस बात का जिक्र मैं हमेशा से करना चाह रहा था लेकिन किसी ने इस पर मुझसे बात नहीं की.
उधर, रहमान के सहयोगी विजय अय्यर ने इन आरोपों को बकवास बताया है. उन्होंने कहा, अगर कोई रहमान पर टिप्पणी करना चाहता है तो कर सकता है. देश में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है. रहमान पिछले बीस वर्षो से इंडस्ट्री से जुड़े हैं. अगर कोई यह कहता है कि उन्होंने ऑस्कर खरीदा तो क्या वह बता सकते हैं कि फिल्म 127 अवर्स के लिए रहमान को ऑस्कर नामांकन कैसे मिला?