आपने बॉलीवुड में बनी पुरानी फिल्में जरूर देखी होंगी. इन फिल्मों के
दीवाने आज भी हैं. बॉलीवुड में फिल्मों की शुरुआत से अब तक ऐसी बहुत
से फिल्में हैं, जिनमें एक जैसे सीन रिपीट किए गए हैं.
कहने का मतलब ये कि लगभग हर फिल्म में
ये सीन एक तय फॉरमेट की तरह आते और अपने हिस्से की कहानी को
बढ़ाकर आगे निकल जाते हैं. आगे जानिए कुछ ऐसे ही फिल्म सीन के बारे में,
जो करीब हर पुरानी फिल्म में जमकर 'घसीटे' गए हैं-
1. मंदिर की घंटी
का बजना और मूर्ति से हार का गिरना
'दीवार' फिल्म में 'विजय' यानी
की अमिताभ बच्चन पूरी फिल्म में मंदिर की सीढ़ियां नहीं चढ़ता है. पर
आखिर में अंकल सैम को याद आती है भगवान की. तो भगवान का फॉर्मूला
पुरानी और अब की भी हर फिल्म में इस्तेमाल किया गया. ऐसी फिल्मों की
कमी नहीं है, जिनमें भगवान की मूर्ति से माला, फूल का गिरना और घंटियों
का बजना इशारा कर देता था कि गुरु अच्छे दिन आने वाले हैं.
2.
भागते बच्चे का मुसटंडा जवान होना
एक छोटा बच्चा कुछ चोरी करते
हुए या खेलते हुए भागता है. और तभी उसके नन्हे कदम चौड़ी टांगों में
तब्दील हो जाती हैं. अर्थात आपकी फिल्म में बालक भौकाली हीरो बन
चुका है.

3. पैर छूते हुए कदमों को पीछे करना
हीरो हो या
हीरोइन. फिल्म में भावुक और मूल रूप से बुजुर्गों का सम्मान करने वाला
होता है. कुछ गलती करने के बाद जब वो अपने बुजुर्गों के पैर छूते हैं तो
गुस्साए बुजुर्ग अपने पैर पीछा करके अपना गुस्सा जाहिर कर देते हैं कि
'जरा जरा डोंट टच मी टच मी टच मी'
4. किस करके वक्त फूलों और
झाड़ियों का आना
ये उस दौर की बात है जब 'युग पुरुष' इमरान
हाशमी की कल्पना नहीं हुई थी. हीरो हीरोइन के किस करने के लिए उस
दौरे के फिल्म डायरेक्टर्स ने प्रकृति का जमकर दोहन किया. यानी जैसे ही
हीरो और हीरोइन किस करने को होते, फिल्म के सीन से बाहर कोई स्पॉट
बॉय गमले में लगा फूल सामने अड़ा देता और 'किस' किसी कभी नहीं
दिखती.
5. खत में तस्वीर का उभरना
ई-मेल, स्काइप, इंटरनेट
जिस वक्त मटके का पानी पी रहे थे, उस वक्त हमारी फिल्मों के खतों में
तस्वीर उभरने लगती थी. मतलब जिसने चिट्ठी लिखी है, अचानक उसकी
शक्ल भावों समेत चिट्ठी में उभरकर होंठ हिलाते हुए ऑडियो-वीडियो
फॉरमेट में सीन को तब्दील कर देती है.
6. डांस ऑर्टिस्ट से सीखें
जिंदगी में खुश रहना
'ओ ताकी ओ ताकी' गाना याद है न. हीरो
हीरोइन के अलावा पीछे नाच रहे सैकड़ों डांसर्स अपनी ही धुन में खुश रहते
हुए परफॉर्म कर रहे होते हैं. हर फिल्म में डांसर्स पीछे ज्यादा बेहतर तरीके
से डांस करते दिखे हैं, लेकिन हर फिल्म में डांसर्स को एक जैसी स्टेप से ही
बांध दिया.
7. सुपरफास्ट कपड़े बदलना और मेहमानों के चौकन्ने होने
की 4जी स्पीड
एक चार मिनट के गाने में 10 जोड़ी कपड़े बदलने का
गौरव हमारी फिल्मों के कलाकारों का हासिल है. फटाफट कपड़े बदलने में
हम सबसे आगे हैं, वहीं किसी पार्टी में अचानक हंगामा होने पर मेहमानों के
एक जैसे भाव देना और चौकना भी लगभग हर फिल्म में रिपीट किया गया
है.