तेलंगाना में भी अब मतदान की घड़ी नजदीक आ गई है. इसी कड़ी में मंगलवार शाम पांच बजे, तेलंगाना विधानसभा चुनावों के लिए जोरदार प्रचार अभियान समाप्त हो जाएगा. अन्य चार राज्यों-मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में वोटिंग हो चुकी है. तेलंगाना में वोटिंग के साथ ही पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव संपन्न हो जाएंगे और फिर इंतजार ही बाकी रहेगा. इंतजार 3 दिसंबर की तारीख का, जिस दिन काउंटिंग के साथ चुनाव परिणाम सामने आएंगे.
चुनाव आयोग द्वारा 9 अक्टूबर को कार्यक्रम की घोषणा के बाद राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी. तेलंगाना की बात करें तो यहां बीआरएस लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस पूरी ताकत से संघर्ष कर रही है और वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रही है और वहीं भाजपा ने भी सत्ता में आने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी.
आगामी चुनावों के लिए 2,290 प्रतियोगी मैदान में हैं, जिनमें बीआरएस सुप्रीमो और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, उनके मंत्री-पुत्र केटी रामा राव, टीपीसीसी अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी और भाजपा के लोकसभा सदस्य बंदी संजय कुमार, डी अरविंद और सोयम बापुराव शामिल हैं.
केसीआर दो क्षेत्रों-गजवेल और कामारेड्डी से चुनाव लड़ रहे हैं, साथ ही रेवंत रेड्डी-कोडंगल और कामारेड्डी से भी चुनाव लड़ रहे हैं. भाजपा ने अपने विधायक एटाला राजेंदर को हुजूराबाद के अलावा गजवेल से मैदान में उतारा, जहां वह मौजूदा विधायक हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रचार अभियान के दौरान सोमवार को भारी धूमधाम के बीच हैदराबाद में एक रोड शो के अलावा एक दर्जन सभाओं को संबोधित किया. वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी.