इंडिया टुडे और एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में असम में बीजेपी का खाता खुलता दिख रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल में ममता के मैजिक के आगे विरोधियों के सारे दांव पस्त होते नजर आ रहे हैं. इसके साथ ही केरल में एलडीएफ, तो तमिलनाडु में करुणानिधि और पुडुचेरी में भी करुणानिधि के डीएमके का जादू चलने वाला है.
असम में बेहतर सीएम की दौड़ में सर्बानंद सोनोवाल सबसे आगे नजर आ रहे हैं.
असम में बीजेपी गठबंधन को 79 से 93 सीटें मिल सकती हैं और बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत है. कांग्रेस 26 से 33 सीट पर सिमट सकती है, जबकि AIUDF को 6 से 10 सीटें मिल सकती हैं.
असम में हर उम्र के लोगों का बीजेपी पर भरोसा दिख रहा है. यहां बीजेपी गठबंधन को 46 फीसदी वोट मिल सकते हैं, जबकि कांग्रेस को 31 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. असम चुनाव के एक तीसरे फ्रंट AIUDF को 9 फीसदी वोट मिल सकते हैं.
केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को 43 फीसदी वोट मिल सकते हैं, जबकि यूडीएफ को 35 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. बीजेपी को केरल में 11 फीसदी वोट मिल सकते हैं और अन्य के खाते में भी 11 फीसदी वोट जा सकते हैं.
केरल में वीएस अच्युतानंदन को बेहतर सीएम माना जा रहा है. एलडीएफ ने यहां 93 साल के वीएस अच्युतानंदन के नेतृत्व में कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा संभाला है.
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री जयललिता की नैया डूबती दिख रही है और करुणानिधि की वापसी के आसार नजर आ रहे हैं.
तमिलनाडु में डीएमके को 124-140 सीटें, एआईडीएमके 89-101 सीटें, बीजेपी 0-3 सीटें व अन्य को 4-8 सीटें मिल सकती हैं.
तमिलनाडु में करुणानिधि की पार्टी DMK यहां सत्ता में आ सकती है. DMK ने कांग्रेस और दो अन्य पार्टियों से हाथ मिलाया था.
पश्चिम बंगाल में ममता के मैजिक के आगे विरोधियों के सारे दांव पस्त होते नजर आ रहे हैं.
टीएमसी को इस बार पश्चिम बंगाल में 51 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.
पश्चिम बंगाल में तृणमूल को 233-253 सीटें, लेफ्ट को 38-51 सीटें, बीजेपी को 1-5 सीटें और अन्य दलों को 2-5 सीटें मिल सकती हैं.