भारत रत्न सीएनआर राव ने स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई जा रही साइंस को बोरिंग और पुराना बताया है.
राव ने मंगलवार को एक व्याख्यान में कहा, 'स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई जा रही साइंस बोरिंग और आउटडेटिड है, जिसका एडवांस लैबोरेटरी में कोई उपयोग नहीं है. जो केमिस्ट्री हम स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ते हैं, उसे कौन पढ़ना चाहेगा'.
उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के टीचर भी बोरिंग है. टीचर और टीचिंग के स्तर को बढ़ाने की जरूरत है. राव ने टीचर्स और टीचिंग के स्तर को बढ़ाने के लिए नेशनल मिशन शुरू करने की मांग की.
उन्होंने कहा, 'हमारा नेशनल मिशन टीचर्स और टीचिंग के स्तर को बढ़ाने का होना चाहिए'. राव ने यह बात एसोचैम द्वारा आयोजित जेआरडी टाटा मेमॉरियल लैक्चर के दौरान कही.
राव ने बताया, 'हमारे देश में एजुकेशन और साइंस को प्राथमिकता नहीं दी जाती. जब पी वी नरसिंहा राव मानव संसाधन विकास मंत्री थे, उन्होंने एजुकेशन के लिए जीडीपी का 6 फीसदी खर्च करने की बात की कहीं थी. लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने ऐसा नहीं किया और जीडीपी का केवल 2 फीसदी ही एजुकेशन पर खर्च किया'.