मध्य प्रदेश में गरीबी की एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई, जिसने 'हिंदुस्तान का दिल' कहे जाने वाले मध्य प्रदेश की आंखें नम कर दी. यहां तंगहाली में जी रहे एक पिता से जब अपने बच्चों की भूख देखी नहीं गई, तो उसने जहर पीकर अपनी जिंदगी खत्म करने की कोशिश की. घायल पिता का अस्पताल में इलाज जारी है.
घटना मध्य प्रदेश के बैतूल की है. पड़ोसियों के मुताबिक, लखन और उसकी पत्नी भीख मांगकर गुजारा करते हैं और अपने परिवार का पेट पालते हैं. रविवार के दिन जब लखन की पत्नी भीख मांगने के लिए घर से निकली तो घर पर बच्चे भूख की वजह से रोने लगे.
गरीबी का सितम देखिए, उस वक्त लखन के घर में अन्न का एक दाना तक नहीं था. लखन की तंगहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके पास उस वक्त रोटी खरीदने तक के पैसे नहीं थे. भूख से बिलबिलाते बच्चों को देख लखन से रहा नहीं गया और उसने मजबूरन जहर पी लिया.
लखन की पत्नी जब घर वापस आई तो पति को जमीन पर बेहोश पड़ा देख सन्न रह गई. आनन-फानन में पड़ोसियों ने लखन को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है. फिलहाल लखन की हालत खतरे से बाहर है. लखन ने होश में आने के बाद जिला प्रशासन को इसका जिम्मेदार बताया.
लखन की माने तो वह पिछले 8 सालों से जिला प्रशासन के सामने रोजगार के लिए हाथ फैला रहा है, लेकिन आज तक उसे रोजगार मुहैया नहीं करवाया गया. यहीं वजह है कि दिन-ब-दिन उसके लिए परिवार का पेट पालना मुश्किल होता जा रहा है.