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9.85 करोड़ रुपये का फर्जी ड्राफ्ट लेकर पहुंचे बैंक, मैनेजर ने ऐसे पकड़ा

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में बारहखंभा रोड स्थित पंजाब नेशनल बैक के इंटरनेशनल बैंकिंग ब्रांच से 9.85 करोड़ रुपए का फर्जी डीमांड ड्राफ भुनाने की कोशिश में लगे 3 लोगों को गिरफ्तार किया है.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

  • 9.85 करोड़ रुपए का फर्जी डीमांड ड्राफ भुनाने की कोशिश में पहुंचे थे 3 लोग
  • बैंक मैनेजर ने जांच में पाया नकली, पुलिस को सूचना देकर करवाया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में बारहखंभा रोड स्थित पंजाब नेशनल बैक के इंटरनेशनल बैंकिंग ब्रांच से 9.85 करोड़ रुपए का फर्जी डीमांड ड्राफ भुनाने की कोशिश में लगे 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. डिमांड ड्राफ्ट को देखकर एकबार तो बैंक के ब्रांच मैनजर भी धोखा खा गए.

धोखा खाने का बड़ा कारण यह था कि डिमांड ड्राफ्ट पंजाब नेशनल बैंक के सहायक बैंक एवरेस्ट बैंक नेपाल से जारी किया गया था, लेकिन मन की तसल्ली के लिए जब डिमांड ड्राफ्ट की जानकारी केजी मार्ग स्थित एक एवरेस्ट बैंक की शाखा से ली गई तो पता चला कि डिमांड ड्राफ्ट नकली है.

पीएनबी ने जब डीटेल्स मैच की तो पाया कि उसकी रकम 43,350 रुपये की थी जिसे जुलाई 2019 में चेन्नई के एक ब्रांच से इनकैश कराया गया था. नकली ड्राफ्टा का पता चलते ही इंटरनेशनल बैंकिंग ब्रांच के सीनियर मैनेजर अनिल कुमार जैन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी.

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इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपी यश सक्सेना, देवेन्द्र सिंह मालवीय और राजीव उपाध्याय को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस को आरोपियों ने बताया कि ये तीनों कमीशन बेस्ड पर अलग-अलग बैंकों से लोन दिलाने का काम करते हैं. इन्होंने यह भी बताया कि होशंगाबाद भोपाल में राजेन्द्र सिंह परमार नाम के व्यक्ति को फर्जी कागजात के आधार पर होटल खरीदने के लिए 1 करोड़ 2 लाख का लोन दिलवाया था.

उसके बाद तीनों ने परमार से एक फर्जी डिमांड ड्राफ्ट की कॉपी बनवाई जिसे देखकर कोई भी धोखा खा सकता था, क्योंकि उसमें वो सारे डीटेल्स असली थे, सिवाय भरे गये रकम के अलावा. पुलिस को इनके पास से डिमांड ड्राफ्ट के साथ-साथ एक 20 लाख का साइन किया हुआ चेक और परमार इंडप्राईसेज नाम का लेटर हेड मिला है.

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