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सिमकार्ड अपग्रेड का झांसा देकर अकाउंट करते थे साफ, कर्नाटक-जामताड़ा से दबोचा

आरोपी टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताकर सिमकार्ड अपग्रेड करने का झांसा देकर लोगों के अकाउंट साफ कर देते थे जिन्हें साइबर क्राइम की टीम ने कर्नाटक और जामताड़ा से गिरफ्तार किया है.

कर्नाटक-जामताड़ा से 8 ठग गिरफ्तार (फाइल फोटो) कर्नाटक-जामताड़ा से 8 ठग गिरफ्तार (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताकर करते थे धोखाधड़ी
  • सिमकार्ड अपग्रेड का झांसा दे अकाउंट करते थे साफ
  • कर्नाटक-जामताड़ा से 8 ठगों को पुलिस ने किया अरेस्ट

दिल्ली से सटे फरीदाबाद से बड़ी खबर सामने आई है, जहां साइबर क्राइम की टीम ने ऑनलाइन ठगी करने के आरोप में आठ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. आरोपी टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताकर सिमकार्ड अपग्रेड करने का झांसा देकर लोगों के अकाउंट साफ कर देते थे जिन्हें साइबर क्राइम की टीम ने कर्नाटक और जामताड़ा से गिरफ्तार किया है.

पुलिस आरोपियों को जामताड़ा के स्थानीय कोर्ट में पेशकर ट्रांजिट रिमांड पर लेकर फरीदाबाद लेकर आई है. आरोपी दिल्ली-एनसीआर के सैकड़ों लोगों के अकाउंट से करोड़ों रुपये साफ कर चुके हैं.

कैसे मिली कामयाबी

पुलिस गिरफ्त में वो साइबर ठग हैं जिन्हें फरीदाबाद की साइबर क्राइम की टीम ने गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है. फरीदाबाद पुलिस को साइबर क्राइम की तीन शिकायतें मिली थीं जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की थी. 

उनसे पूछताछ पर इन आरोपियों के बारे में खुलासा हुआ तो पुलिस इन तक पहुंची और गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद साइबर क्राइम की टीम ने कर्नाटक और जामताड़ा से आठ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया. अब तक कुल मिलाकर 10 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.

सिम अपग्रेड के नाम पर ठगी

बता दें कि आरोपी टेलीकाम कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों के मोबाइल को 3जी से 4जी और 5जी अपग्रेड करने के नाम पर बैंक अकाउंट साफ कर देते थे. फरीदाबाद की साइबर क्राइम की टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जामताड़ा के स्थानीय कोर्ट में पेशकर ट्रांजिट रिमांड पर लेकर फरीदाबाद लेकर आई है.

कम पढ़े लिखे, लेकिन साइबर ठगी में माहिर

पुलिस की मानें तो ये ठग दिल्ली एनसीआर के सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं. पुलिस का दावा है कि इनके गैंग में दर्जनभर से अधिक ठग शामिल हैं. खास बात ये है कि ये लोग अधिक पढ़े लिखे भी नहीं हैं लेकिन ठगी के मामले में मास्टर हैं. पुलिस के मुताबिक ठगों की शैक्षणिक योग्यता 10वीं और 12वीं तक है. ये लोग पहले कॉल सेंटरों में काम करते थे. फिर नौकरी छोड़कर ठगी के धंधे में शामिल हो गए.


 

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