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दिल्ली में 7 दिन में डबल हो रहे कोरोना के केस, युवाओं में संक्रमण दर ज्यादा

दिल्ली में कोरोना संक्रमण दर भी रफ़्तार पकड़ रही है जो काफी चिंताजनक है. 1 अप्रैल को संक्रमण दर 3.57% थी, जो 7 अप्रैल तक बढ़कर 6.10% हो गयी है. स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में तीन बार जो पीक आई है उसमें धीरे धीरे केस बढ़ रहे थे लेकिन इस बार कोरोना मामले बहुत तेज़ी से बढ़ रहे हैं. खास तौर से युवाओं में कोरोना संक्रमण की दर ज़्यादा है.

दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दर 7 फीसदी (फोटो- पीटीआई) दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दर 7 फीसदी (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 7 दिन में डबल हो रहे कोरोना केस
  • संक्रमण दर में लगातार बढ़त

देश की राजधानी में कोरोना के मामले महज 7 दिन में डबल हो रहे हैं. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि पिछले एक महीने में कोरोना के मामले हर सप्ताह डबल हुए हैं.

दिल्ली में 1 अप्रैल को 2790 मामले कोरोना के दर्ज हुए थे, और बुधवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक दिल्ली में पिछले 24 घण्टे में 90 हजार से ज्यादा टेस्ट किए गए थे इनमें से 5506 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं तो वहीं कोरोना से 20 लोगों की मौत भी हुई है.

दिल्ली में कोरोना संक्रमण दर भी रफ़्तार पकड़ रही है जो काफी चिंताजनक है. 1 अप्रैल को संक्रमण दर 3.57% थी, जो 7 अप्रैल तक बढ़कर 6.10% हो गयी है. स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में तीन बार जो पीक आई है उसमें धीरे धीरे केस बढ़ रहे थे लेकिन इस बार कोरोना मामले बहुत तेज़ी से बढ़ रहे हैं. खास तौर से युवाओं में कोरोना संक्रमण की दर ज़्यादा है.
 
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने आगे कहा कि संक्रमण दर महाराष्ट्र में 25% है, छत्तीसगढ़ में 18% है. बहुत सारे राज्यों में 10% से ऊपर है और दिल्ली में भी 6% क्रॉस कर चुका है. पूरा देश एक तरह के ट्रेंड पर चल रहा है, शहरों में ज़्यादा है और ग्रामीण इलाकों में थोड़ा कम है. जितने भी शहर है उनमें करीब 1 हफ्ते आगे पीछे का ट्रेंड चल रहा है.

अप्रैल के महीने में मौत के तेजी से बढ़ते आंकड़ों पर सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली में मौजूदा डेथ रेट 0.4% है. उन्होंने कहा कि जब कोरोना का पिछला पीक आया था तब नवम्बर में डेथ रेट 2-3% था. उस हिसाब से अभी मौतें काफी कम हैं. इस बार ये लग रहा है कि कोरोना काफी तेजी से फैल रहा है लेकिन गंभीरता कम है और मौतें भी कम हैं.

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