scorecardresearch
 

सेंसेक्स कमजोर, सोना हुआ महंगा

बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स मुनाफावसूली के कारण बुधवार को 62 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं विदेशों में कमजोरी के रुख के बावजूद त्योहारी सत्र के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत में तीसरे दिन भी तेजी रही. यह 130 रुपये की तेजी के साथ 27,470 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई.

Advertisement
X
symbolic image
symbolic image

बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स मुनाफावसूली के कारण बुधवार को 62 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं विदेशों में कमजोरी के रुख के बावजूद त्योहारी सत्र के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत में तीसरे दिन भी तेजी रही. यह 130 रुपये की तेजी के साथ 27,470 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई.

देश के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि सितंबर में नौ महीनों के मुकाबले सबसे धीमी दर से बढ़ने की रिपोर्ट के बीच लंबी छुट्टी शुरू होने से पहले निवेशकों ने मुनाफावसूली की. 30 शेयरों वाला बंबई शेयर बाजार का सूचकांक कारोबार के दौरान सीमित दायरे में रहा और अंत में 62.52 अंक या 0.23 फीसदी की गिरावट के साथ 26,567.99 अंक पर बंद हुआ. 50 शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 19.25 अंक या 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 7,945.55 अंक पर बंद हुआ.

दिल्ली के एक ब्रोकर ने कहा, 'लंबा अवकाश और सितंबर में विनिर्माण क्षेत्र में नरमी की खबर के बीच मुनाफावसूली और निवेशकों के सतर्क रुख से बाजार धारणा कमजोर हुई.’ शेयर बाजार अब कारोबार के लिए मंगलवार को खुलेगा. एचएसबीसी के सर्वे के मुताबिक विनिर्माण व्यापार की स्थिति का आईना एचएसबीसी इंडिया परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अगस्त के 52.4 से गिरकर 51.0 पर आ गया. दिसंबर 2013 के बाद यह सबसे धीमी वृद्धि है.

Advertisement

कारोबारियों के अनुसार लंबे अवकाश से पहले निवेशकों ने बड़े निवेश से दूर रहना उचित समझा. वैश्विक स्तर पर तेल की कीमत दो साल के निम्न स्तर पर होने के साथ तेल और गैस कंपनियों के शेयर दबाव में रहे. रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर जहां 1.96 प्रतिशत कमजोर हुआ, वहीं ओएनजीसी 1.58 प्रतिशत तथा गेल 2.27 प्रतिशत कमजोर हुआ.

डॉलर के मुकाबले रुपये के सात महीने के निम्न स्तर पर आने से इंफोसिस, टीसीएस औश्र विप्रो की अगुवाई में आईटी शेयरों में बढ़त दर्ज की गई. सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 9 में तेजी रही. वहीं टाटा मोटर्स मंगलवार के स्तर पर रहा. देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन कंपनी हीरो मोटो कार्प का शेयर 1.24 फीसदी मजबूत हुआ. इसका कारण सितंबर में कंपनी की बिक्री में 30 फीसदी से अधिक की वृद्धि है. क्षेत्रवार तेल और गैस क्षेत्र के सूचकांक सर्वाधिक प्रभावित हुए. इसमें 1.55 फीसदी की गिरावट आई. उसके बाद एफएमसीजी सूचकांक में 1.26 फीसदी, उपभोक्ता टिकाउ में 0.85 फीसदी, बैंकिंग सूचकांक 0.44 फीसदी कमजोर हुए.

सोने की कीमतों में तेजी
दूसरी ओर, विदेशों में कमजोर रुख के बावजूद चालू त्योहारी सत्र के बीच आभूषण विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं की लिवाली बढ़ने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत में तीसरे दिन भी तेजी रही और यह 130 रुपये की तेजी के साथ 27,470 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई. हालांकि, चांदी की कीमतों को प्रतिरोध का सामना करना पड़ा और औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं के कमजोर उठान के कारण इसकी कीमत 1,050 रुपये की गिरावट के साथ 38,650 रुपये प्रति किग्रा रह गई. बाजार सूत्रों ने कहा कि चालू त्योहारी सत्र के कारण आभूषण विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं की लिवाली बढ़ने तथा डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से आयात महंगा होने से सोने की कीमतों में तेजी आई.

Advertisement

डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे मजबूत
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बुधवार को लगभग सात महीने के निम्न स्तर से उबर कर 14 पैसे की तेजी के साथ 61.61 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. लंबी सप्ताहांत की छुट्टियों से पहले निर्यातकों और कुछ बैंकों की ने डॉलर की बिकवाली बढ़ा दी थी जिससे रुपये को बल मिला. अन्तर बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 61.92 रुपये प्रति डॉलर पर कमजोर खुला और 61.95 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया था. यह चार मार्च 2014 के बाद रुपये का न्यूनतम स्तर था. उस दिन डॉलर 62.15 तक चढ़ गया था. बाद में निर्यातकों और कुछ बैंकों की ओर से अचानक डॉलर की बिकवाली शुरू होने से स्थानीय मुद्रा मजबूत हो 61.58 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंच गयी. अंत में यह 14 पैसे अथवा 0.23 प्रतिशत की तेजी दर्शाता हुआ 61.61 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. मंगलवार को इसमें 22 पैसे अथवा 0.36 प्रतिशत की गिरावट आई थी.

Advertisement
Advertisement