अमेरिका के एक प्रमुख आर्थिक विश्लेषण संस्थान ने कहा है कि भारत को अपनी धीमी पड़ती आर्थिक वृद्धि को पुन: तेजी के पथ पर लाने के लिए आधुनिक अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर होना चाहिए.
दि इनफॉर्मेशन टेक्नोलाजी एंड इनोवेशन फाउंडेशन (आईटीआईएफ) ने कहा कि भारत को प्रतिस्पर्धी बाजारों, उदार व्यापार एवं जबरदस्त नई नीतियों के आधार पर सभी क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य रखना चाहिए ताकि वृद्धि दर में तेजी लाई जा सके और वैश्िवक प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाई जा सके.
अमेरिकी थिंक टैंक ने अपनी रिपोर्ट चौराहे पर भारतीय अर्थव्यवस्था में आईटी के बारे में लिखा है कि यह रणनीति देश में मजबूत नवप्रवर्तन आधारित उद्योग का निर्माण करेगी जो प्रभावी तरीके से वैश्िवक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होगा. वही दूसरी ओर इससे व्यापक एवं सतत आय व रोजगार वृद्धि का लक्ष्य हासिल हो सकेगा.
एक सौ तीस पन्ने वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की आर्थिक सफलता को नवप्रवर्तन वाली वस्तु नीतियों (जैसे आईसीटी उत्पादों की सरकारी खरीद के लिए तरजीही बाजार पहुंच के नियम एवं बॉयो फार्मा बौद्धिक संपदा की अनिवार्य लाइसेंसिंग) आदि से खतरा बढ़ रहा है.
इन नीतियों को चुनिंदा घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है.