वियतनाम के फु क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के पास हुए भीषण नाव हादसे के बाद राहत की खबर सामने आई है. भारतीय दूतावास ने बताया कि हादसे में घायल हुए 15 भारतीय पर्यटकों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वे स्वदेश लौट रहे हैं. गंभीर रूप से भर्ती दो घायलों में से एक को भी डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि दूसरे का अब भी फु क्वोक के अस्पताल में इलाज चल रहा है. भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास की टीम मौके पर मौजूद रहकर सभी प्रभावित परिवारों की मदद कर रही है.
इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हुई है, जिसमें तमिलनाडु के 10 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं. मृतकों में सेंथिल कुमार, मुरुगा प्रभु, श्रीधर, शेख अब्दुल्ला, बालाजी, विनया कुमार, रविशंकर, संतोष कुमार, बाबू और अलगुराजन शामिल हैं. सभी शवों को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है.
यह भी पढ़ें: वियतनाम बोट हादसे में बड़ा खुलासा! कंपनी ट्रिप पर गए थे सभी भारतीय, कर्मचारी-डीलर्स समेत 15 की मौत
मृतकों में 44 वर्षीय मुरुगा प्रभु भी शामिल हैं, जो तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के पलानी के रहने वाले थे और लावा मोबाइल के अधिकृत वितरक थे. कंपनी की ओर से बेहतर कारोबार के पुरस्कार स्वरूप उन्हें वियतनाम की यात्रा पर भेजा गया था.
फु क्वोक द्वीप के पास घूमने के दौरान भारतीय पर्यटकों को दो नावों में बांटा गया था. पहली नाव में 32 भारतीय पर्यटक और तीन चालक दल के सदस्य सवार थे. इसी दौरान नाव समुद्र में पलट गई और मुरुगा प्रभु की डूबने से मौत हो गई. उनके साथ गए दूसरे वितरक निर्मल कुमार दूसरी नाव में होने के कारण सुरक्षित बच गए.
धर्मपुरी जिले के कारोबारी सेंथिल कुमार भी इस हादसे का शिकार बने. वह डेयरी फार्म, एल्युमिनियम यूनिट और मोबाइल फोन के कारोबार से जुड़े थे. उन्हें एक मोबाइल कंपनी द्वारा डीलर इंसेंटिव योजना के तहत वियतनाम भेजा गया था. उनके परिवार में पत्नी पूविझी और नौ साल की एक बेटी हैं.
यह भी पढ़ें: समंदर किनारे लाशें, अपनों को खोने का दर्द... रूह कंपा देंगी वियतनाम बोट हादसे की ये तस्वीरें
वहीं त्रिची के अलगुराजन भी लावा कंपनी की ओर से आयोजित इस यात्रा में शामिल थे. उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं. हादसे के बाद मुरुगा प्रभु के भाई ने बताया कि भारतीय दूतावास लगातार परिवार के संपर्क में है और सभी जरूरी औपचारिकताओं में मदद कर रहा है. उन्होंने कहा कि जल्द ही शव भारत लाए जाएंगे.
भारतीय विदेश मंत्रालय और वियतनाम में भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. सभी प्रभावित भारतीयों की सुरक्षित वापसी और मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम किया जा रहा है.
प्रणय उपाध्याय / प्रमोद माधव