रूस और अमेरिका के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. उत्तर अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले तेल टैंकर Bella 1 को जब्त करने की अमेरिकी कार्रवाई में ब्रिटेन ने पूरी तरह सैन्य समर्थन दिया है. UK के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह सहयोग अमेरिका के अनुरोध पर और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में किया गया.
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिकी अनुरोध पर UK सशस्त्र बलों ने पहले से तय ऑपरेशनल सपोर्ट दिया. इसमें अमेरिकी सैन्य संसाधनों के लिए बेसिंग की सुविधा, निगरानी और लॉजिस्टिक सहायता शामिल रही. UK की रॉयल नेवी का जहाज RFA Tideforce अमेरिकी बलों को सपोर्ट करता रहा, जबकि RAF ने हवा से निगरानी अभियान में अहम भूमिका निभाई.
स्कॉटलैंड और आइसलैंड के बीच रोका गया टैंकर
अमेरिकी यूरोपीय कमांड के अनुसार, रूसी झंडे वाला यह टैंकर स्कॉटलैंड और आइसलैंड के बीच अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोका गया. इससे पहले यह जहाज वेनेजुएला से जुड़े कथित अवैध गतिविधियों के कारण अमेरिकी एजेंसियों की रडार पर था. US कोस्ट गार्ड ने हफ्तों तक पीछा करने के बाद आखिरकार जहाज को रोकने में सफलता हासिल की.
रूस का पलटवार, कार्रवाई को बताया 'समुद्री डकैती'
अमेरिकी कार्रवाई के बाद मॉस्को ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश के विधिवत पंजीकृत जहाज पर बल प्रयोग का अधिकार नहीं है. रूसी नेताओं ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन और सीधी ‘पायरेसी’ करार दिया है.
2 मिलियन बैरल तेल, वेनेजुएला कनेक्शन
डेटा एनालिटिक्स फर्म के अनुसार, जब्त किए गए रूसी टैंकरों में से एक में करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था, जो वेनेजुएला से जुड़ा बताया जा रहा है. व्हाइट हाउस का कहना है कि ये टैंकर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए अवैध गतिविधियों में शामिल थे.
क्रू पर मुकदमा भी संभव
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने संकेत दिए हैं कि जब्त किए गए जहाज के क्रू पर अमेरिकी कानून के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें अमेरिका लाया जाएगा. अमेरिका का दावा है कि कार्रवाई के लिए संघीय न्यायिक आदेश पहले से मौजूद था.
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