THAAD पर फसाद... अमेरिका की खातिर चीन से टकराया था साउथ कोरिया, अब मिला सबक

THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम को मीडियम और लिमिटेड इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे मिसाइल को टारगेट तक पहुंचने से पहले ही खत्म किया जा सके.

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थाड को लेकर साउथ कोरिया और अमेरिका में ठनी. (Photo: AP)) थाड को लेकर साउथ कोरिया और अमेरिका में ठनी. (Photo: AP))

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:51 AM IST

एक दशक पहले अमेरिका के साथ दोस्ती की वजह से साउथ कोरिया को चीन के गुस्से का सामना करना पड़ा था. कोरिया ने अमेरिका को टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) एंटी मिसाइल सिस्टम अपनी जमीन पर तैनात करने की इजाजत दी थी. इस पर चीन ने सुरक्षा का हवाला देकर कड़ी आपत्ति जताई थी.

चीन उस वक्त साउथ कोरिया से भयंकर गुस्सा हो गया था. साउथ कोरिया में चीनी टूरिज्म लगभग बंद हो गया. हालात ऐसे हो गए थे कि ह्यूंडई और किआ को चीन में फैक्ट्रियां बंद करनी पड़ी थीं और K-pop स्टार्स को इंडस्ट्री छोड़नी पड़ी थी. साउथ कोरिया के स्टोर्स चीन से गायब हो गए थे और कल्चरल इवेंट्स तक कैंसिल हो गए थे. इस बीच अब अमेरिका ने ईरान से युद्ध के लिए साउथ कोरिया से इन्हीं THAAD को हटा लिया है.

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इससे साउथ कोरिया को बड़ा सबक मिला है. साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा है कि THAAD को हटाने से नॉर्थ कोरिया के खतरों को रोकने की उसकी क्षमता पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने मंगलवार को अपनी कैबिनेट से कहा कि साउथ कोरिया अब दोबारा THAAD की तैनाती का विरोध करेगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को अपनी मिलिट्री जरूरतों के लिए विदेशों में हथियार भेजने से भी नहीं रोका जा सकता. CNBC के मुताबिक, ली ने कहा कि 'असलियत यह है कि हम अपनी बात पूरी तरह से नहीं रख सकते.'

साउथ कोरिया ने इस 'पॉलिटिकल अलायंस' से शायद एक-दो सबक लिए होंगे. चीन के साथ उसके रिश्ते बदतर हो गए थे. जिस सियोंगजू शहर में THAAD को तैनात किया गया था, वहां के लोगों ने भी इसका विरोध किया था. उन्हें डर था कि नॉर्थ कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइलों का खामियाजा उन्हें ही भुगतना पड़ेगा. स्थानीय लोगों ने Anti-THAAD प्लेकार्ड लेकर जुलूस निकाले और धरने भी दिए. लेकिन सरकार ने अपने नॉर्थ कोरिया एजेंडा को फोकस में रखते हुए इन सबको नजरअंदाज कर दिया.

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सिर्फ THAAD ही नहीं, बल्कि अमेरिका ने कुछ पैट्रियल मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी साउथ कोरिया में लगाए थे. अब उन्हें भी ईरान युद्ध में इस्तेमाल करने के लिए मिडिल ईस्ट ले जाया गया है. THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम को मीडियम और लिमिटेड इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे मिसाइल को टारगेट तक पहुंचने से पहले ही खत्म किया जा सके. अमेरिका दुनियाभर में आठ THAAD ऑपरेट करता है. एक डिफेंस सिस्टम की कीमत लगभग एक अरब डॉलर है और इसमें छह ट्रक-माउंटेड लॉन्चर, एक टैक्टिकल कमांड यूनिट, एक रडार सिस्टम और दर्जनों इंटरसेप्टर मिसाइलें होती हैं.

अब राष्ट्रपति ली जे म्युंग भले ही कहें कि उनके पास क्षमता है लेकिन नॉर्थ कोरिया के सामने साउथ कोरिया अब कमजोर पड़ता दिख रहा है. अपनी स्थिति को मजबूत दिखाने के लिए उन्होंने अपने डिफेंस बजट को नॉर्थ कोरिया की जीडीपी से 1.4 गुना ज्यादा बताया. लेकिन CNBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स का कहना है कि THAAD और पैट्रियट सिस्टम साउथ कोरिया के एयर डिफेंस हथियारों का एक बड़ा हिस्सा हैं.

बहरहाल, अब साउथ कोरिया ने अमेरिकी एंटी-मिसाइल सिस्टम को रिडिप्लॉयमेंट न करने की बात कही है. जब इन मिसाइल सिस्टम को तैनात किया गया था, तब साउथ कोरिया और चीन के बीच डिप्लोमैटिक लड़ाई को सुलझने में एक साल से ज्यादा का वक्त लग गया था. अब पीछ मुड़कर देख पर कोई सोच सकता है कि क्या साउथ कोरिया का 'THAAD पर दांव' एक बहुत बड़ा 'पॉलिटिकल इन्वेस्टमेंट' था.

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