'होर्मुज पर कोई कब्जा नहीं कर सकता', मोदी-ट्रंप के बीच क्या हुई बात, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया

अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच हुई फोन बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने पर जोर दिया गया. उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इसे कोई देश बाधित नहीं कर सकता. अमेरिका ने ईरान पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया. भारत को अहम साझेदार बताते हुए गोर ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए इस मार्ग का सुरक्षित और खुला रहना बेहद जरूरी है.

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अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इंडिया टुडे से खास बातचीत की. Photo ITG अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इंडिया टुडे से खास बातचीत की. Photo ITG

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:56 PM IST

अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फोन कॉल को लेकर इंडिया टुडे से एक्सक्लूसिव बातचीत की. सर्जियो गोर ने बताया कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बात हुई. इस बातचीत में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई.

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राजदूत गोर ने कहा कि यह बातचीत काफी सकारात्मक और उपयोगी रही. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र का हिस्सा है और किसी भी देश को इसे बाधित करने या अपने कब्जे में लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. अमेरिका का स्पष्ट मानना है कि यह मार्ग हर समय खुला और सुरक्षित रहना चाहिए ताकि दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो.

उन्होंने आगे कहा कि इस जलमार्ग से तेल, गैस और अन्य ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बेहद जरूरी है. इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जहाज बिना किसी डर के यहां से गुजर सकें और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भारत के रुख पर क्या बोले?
राजदूत सर्जियो गोर से जब पूछा गया कि क्या इस बातचीत में भारत से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए किसी मिशन में शामिल होने का अनुरोध किया गया था, तो उन्होंने सीधे तौर पर इसका जवाब देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि यह एक निजी बातचीत थी और इसके सभी डिटेल सार्वजनिक करना उचित नहीं है. हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि पूरी दुनिया इस बात से सहमत है कि इस जलमार्ग को कोई भी देश बंधक नहीं बना सकता.

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राजदूत गोर ने आरोप लगाया कि फिलहाल ईरान इस क्षेत्र में बाधा डालने की कोशिश कर रहा है, जो अमेरिका के लिए अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि ऊर्जा की कीमतों और आपूर्ति को प्रभावित करने वाली ऐसी कोई भी कार्रवाई वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय है और इसे रोका जाना चाहिए.

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भारत के सुझावों का स्वागत
बातचीत के दौरान भारत की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में बेहतर जवाब भारतीय सरकार ही दे सकती है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हमेशा भारत के सुझावों और भागीदारी का स्वागत करता है. प्रधानमंत्री मोदी को एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी और राष्ट्रपति ट्रंप की लंबे समय से मजबूत मित्रता रही है.

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भारत हमारा महत्वपूर्ण साझेदार
राजदूत गोर ने कहा कि अमेरिका भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है और यही वजह है कि इस तरह के अहम मुद्दों पर दोनों देशों के बीच लगातार संवाद बना रहता है. उन्होंने दोहराया कि फोन पर हुई बातचीत का मुख्य संदेश यही था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को हर हाल में खुला रखा जाए, क्योंकि मौजूदा स्थिति में कई जहाज वहां फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षा को लेकर चिंता है.

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उन्होंने अंत में कहा कि दुनिया के सभी देशों को एकजुट होकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग जल्द से जल्द पूरी तरह से सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो सके.

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