'मेरा वश चले तो ईरान का सारा तेल ले लेता, खूब पैसा कमाता', डेडलाइन खत्म होने से पहले बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा कि मंगलवार की डेडलाइन आखिरी है. ट्रंप ने कहा कि ईरान ने एक प्रस्ताव दिया है, और यह महत्वपूर्ण है. लेकिन काफी नहीं है. अमेरिका ने कहा है कि अगर ईरान होर्मुज नहीं खोलता है तो तेहरान को 'जहन्नुम' देखना पड़ेगा.

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ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान को तबाह कर रहा है. (Photo: ITG) ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान को तबाह कर रहा है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:56 PM IST

अगले 24 घंटे अमेरिका और ईरान के लिए ही नहीं पूरी दुनिया के लिए अहम है. क्या जंग थमेगी, क्या सीजफायर लागू हो पाएगा, क्या ट्रंप अपनी डेडलाइन से पहले नरम पड़ेंगे? ये कई सवाल हैं जिनका अगले 24 घंटे में जवाब मिलना अहम है. क्योंकि अगर बात नहीं बनी तो जंग का नया दौर शुरू हो जाएगा, तबाही की नई तस्वीर सामने आने लगेगी. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को होर्मुज खोलने के लिए मंगलवार तक का टाइम दिया है, उसके बाद ईरान को दोजख बनाने की धमकी दे चुके हैं.

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इस बीच ट्रंप ने एक बार फिर से सख्ती के संकेत दिए हैं. ट्रंप ने कहा है कि मंगलवार की डेडलाइन आखिरी डेडलाइन है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि  इस डेडलाइन में कोई बदलाव नहीं होगा. ट्रंप का ये बयान तब आया है जब ईरान ने पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की की ओर से की गई मध्यस्थता को खारिज कर दिया है और 15 प्वाइंट प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. 

ईरान के तेल के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह तेल कब्जा करने के लिए ही है और वे यानी कि ईरान की सरकार इसके बारे में कुछ भी नहीं कर सकती. ट्रंप ने आगे कहा, "दुर्भाग्य से अमेरिकी लोग चाहते हैं कि हम घर लौट आएं. अगर यह मेरे हाथ में होता, तो मैं तेल ले लेता. मैं तेल अपने पास रखता. मैं इससे खूब पैसा कमाता."

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ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि इस बार हमारे लोग जो ईरान के लोगों से बात कर रहे हैं वे तार्किक हैं और ईरान के पुराने नेताओं के जैसे कट्टर नहीं है. 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे सुझाव दिया कि अगर ईरान कुछ अहम मांगें मान लेता है, तो पश्चिम एशिया का संघर्ष तेजी से खत्म हो सकता है. 

ईरान से प्रस्ताव आया है, लेकिन काफी नहीं: ट्रंप

ट्रंप ने यह भी कहा कि संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका के प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण तो थी, लेकिन काफी नहीं थी. ट्रंप ने कहा, “उन्होंने एक प्रस्ताव दिया है, और यह एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव है. यह एक अहम कदम है. लेकिन यह काफी अच्छा नहीं है.”

उन्होंने कहा, "अगर ईरान वह काम कर ले जो उन्हें करने चाहिए, तो युद्ध बहुत जल्दी खत्म हो सकता है. ट्रंप ने कहा कि वे बहुत नाराज हैं और उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी."

ट्रंप ने कहा कि इस युद्ध का मुख्य फोकस केवल एक ही है-  ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते.

इस तरह से ट्रंप ने अमेरिका की रेडलाइन बता दी. 

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को पूरी तरह तबाह' कर रहा है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, "और मुझे ऐसा करना अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन हम उसे पूरी तरह तबाह कर रहे हैं."

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उन्होंने कहा, "उनके पास न कोई पुल बचेगा, न कोई पावर प्लांट. उनके पास कुछ भी नहीं रहेगा. मैं इससे आगे नहीं बोलूंगा, क्योंकि कुछ और चीज़ें भी हैं जो इनसे भी ज़्यादा बुरी हैं."

हम अभी जंग छोड़ सकते हैं, लेकिन...: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि युद्ध लंबा खिंच रहा है, उनके पास "कई विकल्प" मौजूद हैं. उन्होंने कहा, "हम अभी भी वहां से निकल सकते हैं, और उन्हें अपनी पुरानी स्थिति में लौटने में 15 साल लग जाएंगे. लेकिन मैं इसे पूरी तरह खत्म करना चाहता हूं."

ट्रंप और अमेरिका के अन्य टॉप अधिकारियों के बार-बार किए गए दावों के बावजूद ईरान ने लगातार इस बात से इनकार किया है कि वह परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहा है. 

इन शर्तों पर अड़ा ईरान 

ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के ताजा सीजफायर प्रस्ताव को सीधे तौर पर ठुकरा दिया है और कहा है कि वह अस्थायी युद्धविराम नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहता है. ईरान ने तत्काल होर्मुज को खोलने से इनकार कर दिया है.  ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA के अनुसार तेहरान ने साफ कहा कि वह केवल स्थायी रूप से युद्ध खत्म करने वाले समझौते पर विचार करेगा. सिर्फ कुछ दिनों या हफ्तों का युद्धविराम उसे स्वीकार नहीं है. 

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रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने मध्यस्थ देशों जैसे मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के जरिए 10-बिंदुओं वाला जवाब भेजा. 

ईरान की मुख्य मांगे इस प्रकार है-

पूरे क्षेत्र में लड़ाई खत्म हो
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही का प्रोटोकॉल बने
प्रतिबंधों में ढील दी जाए
युद्ध के नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण सहायता

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि तेहरान धमकियों या अल्टीमेटम के दबाव में कोई फैसला नहीं करेगा और उसकी शर्तें राष्ट्रीय हितों पर आधारित हैं. 

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