'ये कूटनीति नहीं, आइडियोलॉजी की लड़ाई... UN में हो बात', वेनेजुएला एक्शन पर US को रूस का 'शांति पाठ'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि कराकस पर बड़े पैमाने पर हवाई हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर भेज दिया. वेनेजुएला सरकार का कहना है कि दोनों फिलहाल लापता हैं. इस घटनाक्रम से पहले कराकस में जोरदार धमाके हुए, जिससे देश में अफरा-तफरी फैल गई.

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रूस ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की और UNSC की बैठक बुलाने का समर्थन किया. (File Photo: ITG) रूस ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की और UNSC की बैठक बुलाने का समर्थन किया. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 03 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:03 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया है. ट्रंप के मुताबिक, कराकस पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए, जिसके बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इस दावे से कुछ घंटे पहले वेनेजुएला की राजधानी कराकस में कई जोरदार धमाके हुए थे, जिससे पूरे देश में अफरा-तफरी और अनिश्चितता का माहौल बन गया.

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11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे ट्रंप

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेतृत्व के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया है. उन्होंने दावा किया कि मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर चलाए गए ऑपरेशन में गिरफ्तार किया गया और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया. 

ट्रंप ने कहा कि इस पूरे अभियान की विस्तृत जानकारी वह अमेरिका के समयानुसार सुबह 11 बजे मार-ए-लागो में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में देंगे. इसी बीच, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति ने कहा है कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी फिलहाल ‘लापता’ हैं. यह बयान ट्रंप के गिरफ्तारी वाले दावे के बाद सामने आया है.

डेल्टा फोर्स ने मादुरो को पकड़ा

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, मादुरो को शनिवार तड़के अमेरिकी सेना की स्पेशल मिशन यूनिट डेल्टा फोर्स ने पकड़ा. अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि यह ऑपरेशन सुबह के शुरुआती घंटों में किया गया, हालांकि इसकी ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई. डेल्टा फोर्स वही यूनिट है जिसने साल 2019 में इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बकर अल-बगदादी को मार गिराने वाला ऑपरेशन किया था.

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रूस ने किया सुरक्षा परिषद की बैठक का समर्थन

इस घटनाक्रम पर अलग-अलग देशों की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मॉस्को वेनेजुएला के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाए जाने का समर्थन करता है. रूस ने अमेरिका की इस कार्रवाई को सशस्त्र आक्रामकता (armed aggression) बताया और इसकी कड़ी निंदा की. रूस ने कहा कि अमेरिका की ओर से दिए गए तर्क बेबुनियाद हैं और यह कदम कूटनीति के बजाय वैचारिक दुश्मनी से प्रेरित है. 

रूस ने सभी पक्षों से तनाव बढ़ाने से बचने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है. साथ ही कहा कि लैटिन अमेरिका को शांति का क्षेत्र बने रहना चाहिए और वेनेजुएला को बिना बाहरी सैन्य दखल के अपना भविष्य तय करने का अधिकार है. रूस ने वेनेजुएला की जनता और उसकी बोलिवेरियन सरकार के साथ एकजुटता जताई और कहा कि कराकस में रूसी दूतावास सामान्य रूप से काम कर रहा है. अभी तक किसी रूसी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है.

ईरान ने भी की अमेरिकी कार्रवाई की निंदा
 
ईरान ने भी अमेरिका के हमले की निंदा की है. ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र सदस्य देश पर अमेरिकी सैन्य हमला क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है, जिसके असर पूरी वैश्विक व्यवस्था पर पड़ेंगे.

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कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा कि वेनेजुएला सीमा पर सार्वजनिक सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर बड़ी संख्या में शरणार्थी आते हैं तो सभी उपलब्ध सहायता बलों को लगाया जाएगा. कोलंबिया सरकार ने वेनेजुएला और पूरे लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हुए इस हमले को खारिज किया है.

इस बीच वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रिनो ने कहा है कि उनका देश किसी भी विदेशी सैनिकों की मौजूदगी का विरोध करेगा. उन्होंने एक वीडियो मैसेज में कहा कि अमेरिकी हमलों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है और सरकार मृतकों व घायलों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है.

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