US-Israel-Iran War Live Updates: मिडिल ईस्ट में जारी जंग और ज्यादा खतरनाक मोड़ लेती दिख रही है. इजरायल ने एक बार फिर ईरान के अंदर कई अहम ठिकानों पर हमले किए, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात को भी निशाना बनाया. यूएई में इंटरसेप्ट किए गए एक मिसाइल के मलबे गिरने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई.
इजरायल ने ईरान के परमाणु ढांचे पर बड़ा हमला करते हुए अराक स्थित शाहिद खोंडाब हेवी वाटर कॉम्प्लेक्स और यज़्द के येलोकेक प्लांट को निशाना बनाया. ईरान के अनुसार इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ और रेडिएशन का खतरा भी नहीं है, लेकिन इसे बड़ा उकसावा माना जा रहा है. वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि इस बार जवाब आंख के बदले आंख तक सीमित नहीं रहेगा.
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ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत और बढ़ा दी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, युद्धपोत USS त्रिपोली के साथ 3,500 से ज्यादा अमेरिकी नौसैनिक खाड़ी क्षेत्र में पहुंच चुके हैं. इस बेड़े में करीब 2,500 मरीन कमांडोज शामिल हैं. यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब इजरायल और ईरान के बीच हमले और भी तेज हो गए हैं. माना जा रहा है कि अमेरिका इन सैनिकों का इस्तेमाल समुद्री रास्तों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर बड़े ऑपरेशन्स के लिए कर सकता है.
वेस्ट एशिया के बिगड़ते हालातों पर चर्चा के लिए कल से इस्लामाबाद में बड़ी कूटनीतिक हलचल होने वाली है. सऊदी अरब, मिस्र (Egypt) और तुर्की के विदेश मंत्री रविवार और सोमवार को पाकिस्तान के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान तीनों देशों के दिग्गज नेता वेस्ट एशिया संकट और इलाके में शांति बहाली के मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करेंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में युद्ध को रोकने और मुस्लिम देशों की एकजुटता पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है.
कुवैत में पिछले 24 घंटों के भीतर एक के बाद एक 15 संदिग्ध ड्रोन देखे गए हैं. कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, इन ड्रोनों ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आस-पास के इलाकों को निशाना बनाया. इस हमले की वजह से एयरपोर्ट परिसर में भीषण आग लग गई थी, जिसे सेना ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझा दिया है. फिलहाल कुवैती सेना हाई अलर्ट पर है और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है.
दक्षिणी लेबनान में शनिवार को हुए इजरायली हवाई हमले में तीन पत्रकारों की मौत हो गई. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, 'अल-मनार' के रिपोर्टर अली शोएब के अलावा 'अल-मायादीन' की रिपोर्टर फातिमा फतौनी और उनके भाई मोहम्मद ने इस हमले में जान गंवा दी. इजरायली सेना ने आरोप लगाया कि अली शोएब हिजबुल्लाह के लिए खुफिया काम कर रहे थे, हालांकि इसके कोई सबूत नहीं दिए गए हैं. लेबनान के राष्ट्रपति ने इस हमले को घिनौना अपराध बताया है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है. शनिवार को वरिष्ठ मंत्रियों के एक अनौपचारिक समूह ने एक हाई-लेवल मीटिंग की. इस बैठक में युद्ध के कारण ऊर्जा सप्लाई, जरूरी चीजों की उपलब्धता और सप्लाई चेन पर पड़ने वाले असर की बारीकी से समीक्षा की गई. सरकार ने साफ किया है कि वह हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है और आम जनता को इस संकट के किसी भी नकारात्मक असर से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. बैठक में देश के बुनियादी ढांचे की मजबूती और समुद्री व्यापारिक रास्तों की सुरक्षा पर भी विस्तार से चर्चा हुई.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से फोन पर बात की है. पीएम मोदी ने 'X' पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि चर्चा का मुख्य मुद्दा क्षेत्र में जारी संघर्ष और ऊर्जा सुरक्षा था. मोदी ने तेल और ऊर्जा के ठिकानों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की. उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना और जहाजों की आवाजाही को बिना किसी रुकावट के जारी रखना बेहद जरूरी है. साथ ही, पीएम ने सऊदी में रहने वाले भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए क्राउन प्रिंस का शुक्रिया भी अदा किया.
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग अब दूसरे देशों तक फैलने लगी है. शनिवार को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक के बाद एक कई ड्रोन हमले हुए हैं. कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, इन हमलों में एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है. गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई है. कुवैत की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने भी इस हमले की पुष्टि कर दी है.
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान ने बड़ा दावा किया है. आईआरजीसी (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफघारी के मुताबिक, ईरानी सेना ने दुबई में उन दो ठिकानों को निशाना बनाया है जहां 500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक छिपे हुए थे. ईरान का दावा है कि मिसाइल और ड्रोन हमलों में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुंचा है. तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में अपने ठिकानों के तबाह होने के डर से अमेरिकी सैनिक अपनी बेस छोड़कर बाहर छिपे हुए थे.
पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के संकट को देखते हुए दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के एक अनौपचारिक समूह की बैठक चल रही है. इस बैठक में ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव और क्षेत्र के बिगड़ते हालातों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर चर्चा की. शरीफ ने ईरान के नागरिक ठिकानों पर हो रहे इजरायली हमलों की कड़ी निंदा करते हुए ईरानी जनता के साथ एकजुटता जताई. उन्होंने हमलों में हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. शरीफ ने बताया कि पाकिस्तान तनाव कम करने के लिए अमेरिका और खाड़ी देशों के साथ लगातार राजनयिक प्रयास कर रहा है.
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच करीब एक घंटे तक फोन पर अहम चर्चा हुई. ईरानी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान से साफ कहा कि मध्य पूर्व संकट को सुलझाने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए देशों के बीच विश्वास का निर्माण सबसे जरूरी है.
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई ड्रोन हमले किए गए हैं. कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी ने सिविल एविएशन के हवाले से यह जानकारी दी है. हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है.
इनपुट: रॉयटर्स
एमटी जग वसंत नाम का जहाज 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के जामनगर स्थित वडिनार टर्मिनल पहुंच गया है. यह जहाज अब एंकरेज पर शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर के लिए तैयार है. इससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति चेन को बिना रुकावट बनाए रखने में मदद मिलेगी. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर - जंग के बीच भारत के लिए बड़ी खुशखबरी... होर्मुज से गुजर रहे तेल के दो और जहाज, नेवी पूरी तरह मुस्तैद
इनपुट: ब्रिजेश दोशी
सूत्रों के अनुसार, भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद ले जा रहे दो और मर्चेंट जहाज होर्मुज की खाड़ी को पार कर रहे हैं. भारतीय नौसेना के युद्धपोत इन जहाजों को सपोर्ट देने के लिए तैयार खड़े हैं. आने वाले दिनों में और भी जहाज इस रास्ते से गुजरने वाले हैं. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें - जंग के बीच भारत के लिए बड़ी खुशखबरी... होर्मुज से गुजर रहे तेल के दो और जहाज, नेवी पूरी तरह मुस्तैद
इनपुट: ANI
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से दुनियाभर में ऊर्जा संकट का खतरा तेजी से मंडराने लगा है. कई देशों में तो हालात बेहद ही खराब हो गए हैं. ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि कच्चे तेल की कीमत क्या $200 बैरल हो सकती है. आइए जानते हैं एक्सपर्ट क्या कहते हैं. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर - $200 बैरल तक जाएगा कच्चा तेल? Iran-US जंग पर एक्सपर्ट ने दी बड़ी चेतावनी
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग अब और फैलती दिख रही है. इजरायल ने दावा किया है कि यमन से उसकी ओर मिसाइल दागी गई, जिससे नए मोर्चे खुलने की आशंका बढ़ गई है. हूती पहले ही हस्तक्षेप के संकेत दे चुके थे. इस घटनाक्रम ने पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की चिंता को और गहरा कर दिया है.
पढ़ें पूरी खबर: ईरान की जंग में कूदा हूती? इजरायल का दावा- यमन से दागी गई मिसाइल
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, यमन से दक्षिणी इजरायल की तरफ एक मिसाइल दागी गई थी. इजरायली डिफेंस सिस्टम ने उसे बीच में ही मार गिराया. इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ है.
इनपुट: प्रणय उपाध्याय
अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान लंबा नहीं चलेगा. मार्को रुबियो ने कहा कि ऑपरेशन “महीनों नहीं, हफ्तों” में खत्म हो सकता है और जमीनी सेना की जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि, क्षेत्र में कुछ सैनिक तैनात किए जा रहे हैं ताकि हालात बिगड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
पढ़ें पूरी खबर: ईरान में कब खत्म होगी जंग? रुबियो ने तय कर दी डेडलाइन, बोले- सेना भेजने की जरूरत नहीं
अबू धाबी में खलीफा इकोनॉमिक जोन (KEZAD) के पास मिसाइल को इंटरसेप्ट करते समय उसका मलबा नीचे गिर गया. इस घटना में पांच लोग घायल हो गए. अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने इसकी पुष्टि की है. घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.
होर्मुज का रास्ता अगर पूरी तरह दुनिया के लिए बंद हो जाता है तो दुनियाभर में ईंधन के सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा. क्योंकि कई देशों के इकोनॉमी इस रास्ते पर डिपेंड करती है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें - अगर होर्मुज पूरी तरह हुआ बंद, तो सिर्फ ये रास्ते तय करेंगे दुनिया का भविष्य!
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. इसका असर ऑस्ट्रेलिया में भी महसूस किया जा रहा है और अब वहां की सरकार ने ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है.
शनिवार को प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि सरकार निजी क्षेत्र द्वारा ईंधन की खरीद को अपनी गारंटी देगी यानी अंडरराइट करेगी. उन्होंने कहा कि यह सामान्य व्यवस्था नहीं होगी बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और जहाजों भर ईंधन ऑस्ट्रेलिया लाया जाएगा.
इनपुट: CNN
अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया है कि बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट यानी हवा में नष्ट करने के बाद गिरे मलबे से दो जगहों पर आग लग गई है. ये आग खलीफा इकोनॉमिक जोन अबू धाबी यानी KEZAD के आसपास के इलाकों में लगी है.
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले ने तनाव बढ़ा दिया है. इस हमले में कम से कम 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट KC-135 स्ट्रैटोटैंकर को भी नुकसान पहुंचा है. सैटेलाइट तस्वीरों में हमले के निशान देखे गए हैं, जिससे जंग के और खतरनाक होने के संकेत मिल रहे हैं.
पढ़ें पूरी खबर: अमेरिकी सैनिकों को 'चुन-चुनकर' निशाना बना रहा ईरान, सऊदी बेस पर हमले में 12 घायल, रिफ्यूलिंग विमान तबाह
सवाल: राष्ट्रपति ट्रंप, आप अपनी विरासत क्या बनाना चाहते हैं? जवाब में ट्रंप कहते हैं कि मैंने आठ लंबे-लंबे युद्ध खत्म कर दिए. उनमें ढेर सारे लोग मर रहे थे. मैंने लाखों-लाखों लोगों की जान बचा ली. मैं चाहता हूं कि लोग मुझे एक बड़े शांति-साधक के रूप में याद करें.
इजरायली सैन्य बलों ने घोषणा की कि वे तेहरान सहित ईरान के विभिन्न इलाकों में सैन्य और रणनीतिक लक्ष्यों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर रहे हैं. इन हमलों में विस्फोटों की खबरें आई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
ईरान ने सऊदी अरब स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए. इनमें कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला राजधानी रियाद के पास स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाकर किया गया. इस हमले में अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान भी क्षतिग्रस्त होने का दावा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा, 'मेरे पहले कार्यकाल में यह एक बड़ा पल था जब मैंने सुलेमानी को खत्म किया. वह इतना ताकतवर था कि मुझे लगता है कि ईरान का नेतृत्व भी अंदर से खुश था, लेकिन वे इसे स्वीकार नहीं करते.'
उन्होंने आगे कहा, 'अब उनसे कोई सवाल नहीं करेगा, क्योंकि वे अब यहां हैं ही नहीं.'
गौरतलब है कि जनवरी 2020 में अमेरिकी सेना ने बगदाद एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी को मार गिराया था. उस समय अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि यह कार्रवाई अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए की गई थी, क्योंकि सुलेमानी पर अमेरिकी सैनिकों और अधिकारियों पर हमलों की साजिश रचने का आरोप था.
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. ईरान सैन्य संगठन IRGC ने अमेरिका और इजरायल से जुड़ी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को तुरंत कार्यस्थल छोड़ने की चेतावनी दी है. इसे हाल ही में ईरान के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के बाद संभावित जवाबी कार्रवाई के संकेत के रूप में देखी जा रहा है.
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने इजरायल पर एक और बड़ा मिसाइल हमला किया है. इज़राइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल इजरायल में हुए इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं.
अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा है कि इस हफ्ते ईरान के साथ बातचीत होने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने 15 बिंदुओं वाला शांति प्रस्ताव पहले ही ईरान को दे दिया है और अब उसके जवाब का इंतजार है.
विटकॉफ ने मियामी में एक निवेश फोरम के दौरान कहा कि अगर ईरान इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो मौजूदा संकट का समाधान निकल सकता है. वहीं ट्रंप भी लगातार कूटनीतिक हल पर जोर दे रहे हैं.