पश्चिम एशिया में जंग की आग अभी थमी नहीं है. एक तरफ ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले जारी हैं, दूसरी तरफ अब जमीनी लड़ाई की भी तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसी बीच एक बेहद अहम बैठक हुई है जो आने वाले दिनों में इस जंग की दिशा तय कर सकती है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर इजरायल पहुंचे और वहां इजराइली सेना यानी IDF के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर से मुलाकात की.
बैठक में क्या हुआ?
सूत्रों के मुताबिक बैठक में मुख्य रूप से दो मुद्दों पर बात हुई. पहला, मिडिल ईस्ट में जारी जंग की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति. दूसरा, ईरान की हथियार बनाने की क्षमता को कैसे रोका जाए. दरअसल अमेरिका और इजरायल दोनों यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ईरान भविष्य में फिर से मिसाइल और हथियार बनाने की स्थिति में न हो.
जमीनी हमले की तैयारी क्यों?
यह बैठक ऐसे वक्त हुई है जब अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन की योजना तैयार कर रहा है. वाशिंगटन पोस्ट ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह तैयारी इसलिए की जा रही है क्योंकि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जंग को और तेज करने का फैसला करते हैं तो अमेरिकी सेना तुरंत एक लंबे और टिकाऊ जमीनी अभियान के लिए तैयार हो.
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अभी तक यह जंग ज्यादातर हवाई हमलों तक सीमित रही है. 28 फरवरी को शुरू हुए ऑपरेशन में 900 से ज्यादा हमले हो चुके हैं और ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत दर्जनों बड़े अधिकारी मारे जा चुके हैं. लेकिन अब जमीनी हमले की बात होना यह साफ करता है कि यह जंग एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ सकती है.
आगे क्या होगा?
फिलहाल यह तय नहीं है कि ट्रम्प जमीनी हमले का आदेश देंगे या नहीं. लेकिन इस बैठक और पेंटागन की तैयारियों से यह साफ है कि अमेरिका हर परिस्थिति के लिए खुद को तैयार रख रहा है. दुनियाभर की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह जंग हवा से जमीन पर उतरती है या कोई राजनयिक रास्ता निकलता है.
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