ट्रंप प्रशासन ईरान पर हमले की तैयारी में है. ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच ट्रंप प्रदर्शनकारियों से अपना विरोध जारी रखने की अपील कर रहे हैं. उन्होंने ईरान के प्रदर्शनकारियों से एक बार फिर कहा है कि मदद रास्ते में है जिसे लेकर ईरान पर अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ गया है. ट्रंप की इन धमकियों के बीच अरब के बड़े देशों ने अमेरिका को ईरान पर हमला न करने की वॉर्निंग दी है.
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अरब देशों की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप और व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा था कि सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के प्रतिद्वंद्वी खाड़ी देशों ने दिसंबर के अंत से ईरान में फैल रहे विरोध प्रदर्शनों पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने से काफी हद तक परहेज किया है. इन प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों के मारे जाने की खबर है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब, ओमान और कतर ने व्हाइट हाउस को बताया है कि ईरानी शासन को गिराने की कोशिश करना भी वैश्विक तेल बाजार को अस्थिर कर देगा और अंततः इसका नुकसान अमेरिकी अर्थव्यवस्था को ही होगा.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि ट्रंप इन चेतावनियों को मानेंगे, इसकी संभावना बेहद कम है. अधिकारी के अनुसार, 'राष्ट्रपति किसी भी मुद्दे पर कई तरह की राय सुनते हैं, लेकिन अंततः वही फैसला लेते हैं जो उन्हें सबसे बेहतर लगता है.'
इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान के लिए 'मदद रास्ते में है.'
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखो- अपने संस्थानों पर कब्जा करो. हत्यारों और अत्याचारियों के नाम याद रखो... उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी. मैंने प्रदर्शनकारियों की बेतुकी हत्याएं रुकने तक ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं. मदद रास्ते में है.'इसी के साथ ही ट्रंप ने MAGA (Make America Great Again) की तर्ज पर MIGA (Make Iran Great Again) भी लिखा.
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच हिंसा बढ़ती जा रही है. न्यूयॉर्क टाइम्स को एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि अब तक करीब 3,000 लोग मारे जा चुके हैं.
रॉयटर्स से बात करने वाले एक अन्य सूत्र ने आम नागरिकों और सुरक्षा बलों की मौतों के लिए 'आतंकवादियों' को जिम्मेदार ठहराया. संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने भी मंगलवार को कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ईरान की सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती और उनके खिलाफ हिंसा से वो स्तब्ध हैं.
सूत्रों के मुताबिक, ईरानी सेना का एलीट फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सुरक्षा बल गाड़ियों को रोक रहे हैं, उनकी तलाशी ले रहे हैं और कुछ मामलों में नागरिकों को अपने मोबाइल फोन अनलॉक करने के लिए मजबूर भी किया जा रहा है.
ईरान में पिछले कई दिनों से इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद हैं जिससे ईरान के लोग खबरों तक पहुंच के लिए सैटेलाइट टेलीविजन पर निर्भर हो गए हैं, हालांकि ज्यादातर शहरों में इसे भी भारी जैमिंग का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा तेहरान जैसे शहरों में सुरक्षा अधिकारियों की घर-घर तलाशी लेने और नागरिकों की सैटेलाइट डिश जब्त किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं.
28 दिसंबर से शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन संचार सेवाओं पर सख्त पाबंदियों और बढ़ती मौतों के बावजूद अब भी जारी हैं.
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