अमेरिका और ईरान के बीच महाजंग फिलहाल थम गई है. दोनों देशों के बीच सीजफायर पर दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बन गई है. इजरायल ने भी कहा कि वह अमेरिका के इस फैसले के साथ है. इधर, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने सैनिकों को तुरंत गोलीबारी रोकने का आदेश दिया है. इन सारे घटनाक्रम के बीच अब सबकी नजरें 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली मीटिंग पर टिक गई है.
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी को ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, दामाद जेरेड कुशनर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस मीटिंग में शामिल होंगे. वहीं ईरान की ओर से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और स्पीकर मोहम्मद गलिबाफ शिरकत करेंगे. गलिबाफ ही ईरानी टीम को हेड करेंगे.
ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इजराइल को स्पष्ट कर दिया है कि अगले दो हफ्तों में होने वाली वार्ताओं के दौरान अमेरिका परमाणु सामग्री को हटाने, संवर्धन रोकने और बैलिस्टिक मिसाइल खतरे को खत्म करने पर दृढ़ता से जोर देगा. ये इजरायल और अमेरिका दोनों के साझा लक्ष्य हैं.
शहबाज शरीफ ये बोले
इससे पहले पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता के लिए आमंत्रित किया था. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'पूरी विनम्रता के साथ मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ईरान और अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ सीजफायर पर सहमत हो गए हैं'.
शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में आमने-सामने की वार्ता के लिए आमंत्रित किया है. इसका उद्देश्य सभी विवादों को सुलझाने के लिए निर्णायक समझौते तक पहुंचना है. इससे क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता लाने में मदद मिलेगी.
सीजफायर का फ्रांस., ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने स्वागत किया है. ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने कहा, 'मैं युद्धविराम समझौते का स्वागत करता हूं, जो क्षेत्र और दुनिया के लिए राहत का क्षण लाएगा. हमें अपने साझेदारों के साथ मिलकर इस युद्धविराम का समर्थन और इसे बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करना चाहिए. इसे स्थायी समझौते में बदलना चाहिए और होर्मुज को फिर से खोलना चाहिए.'
वहीं, जापान के सरकारी प्रवक्ता सचिव मिनोरू किहारा ने टोक्यो में पत्रकारों से कहा कि सीजफायर के ऐलान को वे सकारात्मक विकास मानते हैं. वहीं, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने बताया कि उनका देश अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम का स्वागत करता है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे बहुत अच्छी बात बताया.
ईरानी सेना तुरंत गोलीबारी रोके: मोजतबा
इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपनी सेना को गोलीबारी रोकने का निर्देश दिया. यह घोषणा ऐसे वक्त में आई है जब क्षेत्र में कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ने के बावजूद दोनों पक्ष अपनी रक्षात्मक तैयारी बनाए हुए हैं. सभी सेनाओं में गोलीबारी रोकने का ईरान का यह कदम दो हफ्ते के सीजफायर को स्वीकार पर हामी भरने के बाद उठाया गया है. हालांकि, ईरान ने साफ कहा है कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो शत्रुतापूर्ण कार्रवाई फिर से शुरू हो सकती है.
'विश्व शांति के लिए बड़ा दिन'
इधर, सीजफायर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह शांति के लिए बड़ा दिन है. अमेरिका और दुनिया ईरान की मदद करेगा, जिससे होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही अच्छी तरह चल सके.
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'विश्व शांति के लिए बड़ा दिन! ईरान भी यही चाहता है, अब वे और बर्दाश्त नहीं कर सकते! ठीक वैसे ही, बाकी सब भी यही चाहते हैं! अमेरिका, होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही को सुचारू बनाने में मदद करेगा. बहुत सारे सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे. बहुत पैसा कमाया जाएगा. ईरान पुनर्निर्माण का काम शुरू कर सकता है. हम हर तरह की चीजों की सप्लाई करेंगे और वहीं मौजूद रहेंगे, जिससे यह पक्का हो सके कि सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है. यह मिडिल-ईस्ट का 'स्वर्ण युग' साबित हो सकता है.
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