सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में शनिवार रात (23 मई) को सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद अचानक हिंसा भड़क उठी. शहर में बड़ी संख्या में लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, लेकिन रैली के बाद हालात बेकाबू हो गए. प्रदर्शनकारी और दंगा नियंत्रण पुलिस (रॉयट पुलिस) आपस में भिड़ गए.
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया. दंगा नियंत्रण पुलिस (रायट पुलिस) को स्थिति को काबू में करने के लिए मोर्चा संभालना पड़ा. पुलिस ने उग्र हो चुकी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे.
बता दें कि सिटी सेंटर में जुटे हजारों लोगों की मांग थी कि राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुइचिच को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.
सामने आए वीडियो के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को निशाना बनाते हुए उन पर जमकर पथराव किया, कई चीजें फेंकी, कूड़ेदानों को पलट दिया और उनमें आग लगा दी. दंगा विरोधी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया. पूरे इलाके में आंसू गैस छोड़े जाने के कारण धुएं का गुबार देखा गया, जिससे वहां मौजूद लोगों और मीडियाकर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई.
छात्रों के नेतृत्व में चुनाव और सुधारों की मांग
इस बड़े आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से सर्बिया का छात्र संगठन कर रहा है. इस रैली में हजारों की संख्या में छात्रों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग दोहराते हुए देश में नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराने और प्रशासनिक सुधारों को लागू करने की जोरदार मांग की.
रेलवे स्टेशन हादसे के बाद भड़का है जनाक्रोश
दरअसल नवंबर 2024 में उत्तरी सर्बिया के नोवी साद शहर में एक दर्दनाक हादसा हुआ था. वहां एक रेलवे स्टेशन की कंक्रीट की छत अचानक ढह गई थी, जिसकी चपेट में आने से 16 बेकसूर लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे के बाद जनता में सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा फैल गया. लोगों का आरोप है कि सरकारी भ्रष्टाचार और लापरवाही की वजह से ये बड़ा हादसा हुआ.
इस घटना के बाद से ही लोग राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार सड़कों पर उतर रहे हैं. दिसंबर 2024 से ही देश में इ स तरह के सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं.
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