आर्यन खान की गिरफ्तारी में पाकिस्तानी मीडिया ने जोड़ा धर्म का एंगल

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को अब तक जमानत नहीं मिल पाई है. चार अक्तूबर से आर्यन खान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हिरासत में हैं. तमाम कोशिशों के बावजूद आर्यन को अब तक जमानत नहीं मिल पाई है. ऐसे में पाकिस्तानी मीडिया ने सवाल उठाए हैं कि क्या बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार शाहरुख खान को आर्यन के सहारे टारगेट करने की कोशिश की जा रही है.

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आर्यन खान और शाहरुख खान, फोटो क्रेडिट: इंस्टाग्राम आर्यन खान और शाहरुख खान, फोटो क्रेडिट: इंस्टाग्राम

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 19 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST
  • 4 अगस्त को अरेस्ट हुए आर्यन को अब तक नहीं मिली बेल
  • आर्यन को लेकर दो धड़ों में बंट चुका है सोशल मीडिया

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को अब तक जमानत नहीं मिल पाई है. चार अक्टूबर से आर्यन खान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हिरासत में हैं. आर्यन खान की बेल का एनसीबी ने पुरजोर विरोध किया था. एनसीबी ने अपनी तरफ से मजबूत दलीलें पेश कीं. ड्रग्स चैट, इंटरनेशनल ड्रग पेडलर संग कनेक्शन और ड्रग ट्रैफिकिंग जैसे कई गंभीर आरोप आर्यन खान पर लगाए गए. वहीं, आर्यन के वकील ने अदालत में दलील दी कि उनके पास से कोई ड्रग्स नहीं मिला है और आर्यन इस मामले में अपनी तरफ से सहयोग करते रहेंगे. ऐसे में उनसे जमानत का अधिकार नहीं छीना जा सकता है. अब इस मामले में 20 अक्टूबर को सुनवाई होगी. इस बीच पाकिस्तानी मीडिया में भी आर्यन खान के केस को लेकर काफी चर्चा है. 

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पाकिस्तान के प्रमुख अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने एक लेख छापा है जिसका शीर्षक है- आर्यन खान की गिरफ्तारी भारत के सबसे बड़े मुस्लिम हीरो को निशाना बनाने की कोशिश है? इस आर्टिकल में लिखा है, शाहरुख खान ना केवल एक सफल बॉलीवुड स्टार हैं बल्कि अपने चार्म, एटीट्यूड और हेल्पिंग नेचर के चलते इंडस्ट्री के सबसे मददगार लोगों में भी शुमार किया जाता है. यही कारण है कि ऋतिक रोशन, सुनील शेट्टी, अली फजल, सलमान खान, पूजा भट्ट, फराह अली, संजय गुप्ता, स्वरा भास्कर, जोया अख्तर, रवीना टंडन, सोमी अली जैसे कई सेलेब्स ने शाहरुख को इस मुश्किल घड़ी में सपोर्ट किया.

इस आर्टिकल में आर्यन खान के सपोर्ट में खड़े तमाम बॉलीवुड स्टार के बयान का जिक्र किया गया है. ट्रिब्यून ने लिखा, यहां तक कि स्वरा भास्कर ने  लिखा कि आर्यन भले ही एक स्टार का बेटा है, पर इसका मतलब ये नहीं कि उसकी लाइफ में तांक-झांक करने का सबको हक है. उसे ना तो जनता ने चुना है और ना ही उस पर पब्लिक का रोलमॉडल बनने की जिम्मेदारी है. अगर उसने ड्रग्स किया भी है तो इससे उसकी हेल्थ, उसके पिता का पैसा और रेपोटेशन दांव पर है और एनसीबी के अलावा किसी को भी इस मसले को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है. आप उसकी फिल्में बॉयकॉट करना चाहो तो कर सकते हो लेकिन प्लीज आर्यन ड्रग्स केस को नेशनल मुद्दा बताकर जरूरी मुद्दों से भटकाने की जरूरत नहीं है.

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'मुस्लिम हीरो का बेटा होने की वजह से निशाने पर'

इस आर्टिकल में ये भी कहा गया कि एक लोकप्रिय मुस्लिम एक्टर के बेटे होने के चलते भी आर्यन के केस को ज्यादा तूल दिया जा रहा है. पूर्व एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा कहते हैं कि इसमें कोई दो राय नहीं कि शाहरुख का बेटा होने के चलते आर्यन को टारगेट किया जा रहा है. इस केस में अरबाज और मुनमुन नाम के लोगों को भी पकड़ा गया है लेकिन हर तरफ सिर्फ आर्यन का ही नाम है. शाहरुख के बेटे के बहाने वे अपना पुराना स्कोर सेटल करना चाहते हैं.

'आर्यन का केस उदाहरण है कि मुस्लिमों के साथ भेदभाव की घटनाएं बढ़ रहीं'

आर्टिकल के मुताबिक, 'कई लोगों का कह रहे हैं कि आर्यन का केस एक बार फिर साफ करता है कि भारत में मुस्लिमों के साथ भेदभाव में काफी वृद्धि देखने को मिली है. कई पार्टियों के कई नेताओं मसलन उदित राज, महबूबा मुफ्ती और नवाब मलिक के बयानों ने भी साफ किया कि चूंकि आर्यन एक मुस्लिम सुपरस्टार का बेटा है, इसलिए उसकी हरकत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है वहीं लखीमपुर खीरी केस में बीजेपी के नेता के बेटे द्वारा कथित रूप से किसानों पर गाड़ियां चढ़ा देने वाले मामले को सरकार खास तवज्जो नहीं दे रही है.' 

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इससे पहले भी लोकप्रिय खान एक्टर्स को झेलनी पड़ी मुसीबतें 

इस आर्टिकल में लिखा है, "बॉलीवुड के खान भले ही भारत की एंटरटेन्मेन्ट इंडस्ट्री के सबसे बड़ सुपरस्टार्स हों लेकिन इस शोहरत के साथ ही उन्हें कई प्रकार की मुसीबतों को भी झेलना पड़ा है. पिछले साल सैफ अली खान की वेबसीरीज तांडव को काफी विवाद झेलना पड़ा था. सैफ की इस वेबसीरीज पर आरोप था कि इससे हिंदू लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. सोशल मीडिया पर 'कैंसल कल्चर' का प्रभाव इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि तांडव को भी बॉयकॉट करने की मांग उठी थी. इसके अलावा पिछले साल जब आमिर खान अपनी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में तुर्की गए थे और तुर्की के राष्ट्रपति की पत्नी से मिले थे, तब भी भारत में सोशल मीडिया पर राइट विंग ग्रुप्स ने आमिर की जमकर आलोचना की थी. आर्यन का केस इस मामले में उदाहरण है कि भारत में अगर मुस्लिम हस्तियां सत्तारुढ़ बीजेपी पार्टी के साथ सहयोग नहीं करती हैं तो उन्हें बड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है."


 

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