संयुक्त राष्ट्र में मसूज अजहर को प्रतिबंधित कराने के भारत के प्रयासों को लेकर पाकिस्तान ने राजनीति से प्रेरित करार दिया. सोमवार को जारी बयान में पाकिस्तान ने कहा कि यह प्रयास हल्की सूचना से भरा है. गौरतलब है कि दो दिन पहले ही पाकिस्तान के निकट सहयोगी चीन ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख एवं पठानकोट हमले के षड्यंत्रकर्ता अजहर मसूद को वैश्विक आतंकवादी के तौर पर सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव को अवरूद्ध कर दिया था.
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की सूची में डलवाने में भारत के असफल होने पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि से संबंधित 1267 समिति ने भारत के राजनीति से प्रेरित प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि हल्की सूचना और आधारहीन आरोपों से भरे भारत के प्रस्ताव में कोई दम नहीं था और इसका मुख्य उद्देश्य उसके संकीर्ण राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाना था. नफीस बोले कि इस प्रस्ताव का खारिज होना सुरक्षा परिषद की इस महत्वपूर्ण समिति का राजनीतिकरण करना और उसके कार्य को कमतर करने के भारतीय प्रयासों का खारिज होना भी है.
जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मसूद अजहर पंजाब के पठानकोट स्थित एयरफोर्स बेस पर 2016 की शुरुआत में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है. भारत ने 2016 की 31 मार्च को संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को आतंकी घोषित
करने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें चीन ने अड़ंगा लगा दिया. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 देशों के समूह में अकेला चीन ही ऐसा था, जिसने अजहर को आतंकी घोषित किए जाने के फैसले को 'होल्ड' पर रखा था. इस वजह से
भारत की पर बैन लगाने की योजना भी नाकामयाब हो गई थी. अगर अजहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी घोषित कर दिया जाता है, तो उसकी संपत्ति फ्रीज कर दी जाएगा. इतना ही नहीं, उसके यात्रा करने पर
भी रोक लगा दी जाएगी.
BHASHA